Sir C.V. Raman
आज देश National Science Day मना रहा है। हर साल 28 फरवरी को देश रमन इफेक्ट की याद में National Science Day मनाया जाता है। रमन इफेक्ट देश के महान वैज्ञानिक सर सी.वी. रमन की एक खोज को बयां करता है। रमन ने इसी दिन अपनी खोज की घोषणा की थी, जिसे उन्हीं के नाम पर 'रमन इफेक्ट' कहा गया। प्रकाश के प्रकीर्णन पर किए गए कार्य के लिए उन्हें 1930 में भौतिकी का प्रतिष्ठित नोबेल पुरस्कार भी दिया गया था। वह विज्ञान के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार प्राप्त करने वाले पहले एशियाई थे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी बुधवार को देशवासियों को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर शुभकामनाएं दी और वैज्ञानिकों की उपलब्धियों पर गर्व जताया। उन्होंने बधाई देते हुए ट्वीट भी किया। 'मैं सभी साइंस प्रेमियों को सलाम करता हूं और उनमें वैज्ञानिक उत्साह की बढ़ोतरी की कामना करता हूं। देश को अपने वैज्ञानिकों पर गर्व है।'
प्रधानमंत्री ने इससे पहले रविवार को 'मन की बात' कार्यक्रम में भी सी.वी. रमन सहित वैज्ञानिकों और विज्ञान के क्षेत्र में किए जा रहे योगदान को याद किया।
सी वी का रमन इफेक्ट
'रमन इफेक्ट' देश के महान वैज्ञानिक सीवी रमण की खोज की एक रोचक कहानी है। बताते हैं कि 1920 के दशक में जब सी. वी रमन समुद्री मार्ग से स्वदेश लौट रहे थे तो उन्होंने भूमध्यसागर के पानी में अनोखा नीला और दूधियापन देखा।
वह जब कलकत्ता विश्वविद्यालय पहुंचे तो उन्होंने निर्जीव वस्तुओं पर प्रकाश के बिखरने का अध्ययन शुरू किया। उनकी इस शोध से इस बात का पता चलता है कि समुद्र के जल का रंग नीला क्यों दिखता है।
रमन प्रभाव ये भी कहता है कि जब प्रकाश की एक तरंग एक द्रव्य से निकलती है तो इस प्रकाश तरंग का कुछ भाग एक ऐसी दिशा में प्रकीर्ण हो जाता है जो कि आने वाली प्रकाश तरंग की दिशा से अलग होता है।