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भारतीय वायुसेना ने हमले के लिए बालाकोट को ही क्यों चुना?

न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: Shilpa Thakur Updated Tue, 26 Feb 2019 11:37 AM IST

सार

  • पाकिस्तान के खैबर पख्तुनख्वा प्रांत के मनशेरा जिले में बालाकोट स्थित है।
  • यह राजधानी इस्लामाबाद से 160 किलोमीटर की दूरी पर है।
  • वायुसेना के मिराज ने जिस लक्ष्य को नष्ट किया उनमें से एक पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा का क्षेत्र भी शामिल है।
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मिराज विमान

पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया है। इसी बीच आज सुबह भारतीय वायुसेना ने नियंत्रण रेखा (एलओसी) पार कर आतंकी कैंप को ध्वस्त कर दिया है। इस दौरान भारतीय सेना ने बालाकोट में बन भी गिराए हैं। इस बात की पुष्टि खुद पाकिस्तानी सेना ने की है। 

पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर ने ट्वीट कर कहा, "भारतीय वायुसेना ने मुजफ्फराबाद सेक्टर में घुसपैठ की है। पाकिस्तानी वायु सेना की तरफ से समय पर प्रभावी कार्रवाई की गई, जिसके बाद वो भागने लगे। उन्होंने भागते हुए बालाकोट के पास कुछ बम भी गिराए। इसमें कोई हताहत नहीं हुआ है।"

तो ऐसे में सवाल उठता है कि भारतीय वायुसेना ने आखिर बालाकोट को ही क्यों चुना है? 



पाकिस्तान और भारत में इस हमले के बाद से ही काफी चर्चा हो रही है। पाकिस्तान के पत्रकार कह रहे हैं कि भारत ने पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में हमला नहीं किया है। बल्कि बालाकोट में किया है।

एक पाकिस्तानी पत्रकार मुशर्रफ जैदी ने ट्वीट कर कहा है, "बालाकोट आजाद कश्मीर में नहीं है। अगर भारतीय वायु सेना ने बालाकोट में बम गिराए हैं तो ये नियंत्रण रेखा और आजाद कश्मीर के भी पार है। बालाकोट खैबर पख्तुनख्वा में है। भारत ने केवल नियंत्रण रेखा ही पार नहीं की है बल्कि यह पाकिस्तान पर हमला है।"
 



 
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी पूछा है कि यह बालाकोट पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर वाला है या खैबर पख्तुनख्वा वाला है। 
 

 

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मिराज विमान
पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया है। इसी बीच आज सुबह भारतीय वायुसेना ने नियंत्रण रेखा (एलओसी) पार कर आतंकी कैंप को ध्वस्त कर दिया है। इस दौरान भारतीय सेना ने बालाकोट में बन भी गिराए हैं। इस बात की पुष्टि खुद पाकिस्तानी सेना ने की है। 

पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर ने ट्वीट कर कहा, "भारतीय वायुसेना ने मुजफ्फराबाद सेक्टर में घुसपैठ की है। पाकिस्तानी वायु सेना की तरफ से समय पर प्रभावी कार्रवाई की गई, जिसके बाद वो भागने लगे। उन्होंने भागते हुए बालाकोट के पास कुछ बम भी गिराए। इसमें कोई हताहत नहीं हुआ है।"

तो ऐसे में सवाल उठता है कि भारतीय वायुसेना ने आखिर बालाकोट को ही क्यों चुना है? 

पाकिस्तान और भारत में इस हमले के बाद से ही काफी चर्चा हो रही है। पाकिस्तान के पत्रकार कह रहे हैं कि भारत ने पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में हमला नहीं किया है। बल्कि बालाकोट में किया है।

एक पाकिस्तानी पत्रकार मुशर्रफ जैदी ने ट्वीट कर कहा है, "बालाकोट आजाद कश्मीर में नहीं है। अगर भारतीय वायु सेना ने बालाकोट में बम गिराए हैं तो ये नियंत्रण रेखा और आजाद कश्मीर के भी पार है। बालाकोट खैबर पख्तुनख्वा में है। भारत ने केवल नियंत्रण रेखा ही पार नहीं की है बल्कि यह पाकिस्तान पर हमला है।"
 



 
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी पूछा है कि यह बालाकोट पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर वाला है या खैबर पख्तुनख्वा वाला है। 
 

 

कहां है बालाकोट?

पाकिस्तान के खैबर पख्तुनख्वा प्रांत के मनशेरा जिले में बालाकोट स्थित है। यह पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद से 160 किलोमीटर की दूरी पर है। 

बता दें जब 2005 में कश्मीर में भूकंप आया था तो बालाकोट पूरी तरह से तहस-नहस हो गया था। इस शहर को दोबारा से पटरी पर लाने के लिए काफी काम हुआ। इस शहर को फिर से पहले जैसा बनाने में सऊदी अरब ने भी काफी मदद की थी।

ये भूकंप 7.6 की तीव्रता का था। इसमें बालकोट के 12 यूनियन काउंसिल दब गए थे और जिनमें कम से कम 40 हजार लोगों के घर थे। यह स्थान पर्वतीय और बेहद खूबसूरत इलाका है।

कुनहर नदी के तट पर स्थित बालाकोट खूबसूरती के अलावा विविध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के लिए जाना जाता है। बालाकोट पाकिस्तान में पर्यटन के लिए काफी लोकप्रिय है।

इन जगहों पर हुआ हमला

- फोटो : social media
ये वही बालाकोट है जहां पुलवामा के गुनहगार जैश के ठिकाने और उसके कमांडर सिर छिपाते हैं। भारत की वायुसेना ने खुफिया जानकारी के आधार पर इस पूरे ऑपरेशन को अंजाम दिया है।

वायुसेना के मिराज ने जिस लक्ष्य को नष्ट किया उनमें से एक पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा का क्षेत्र भी शामिल है। इसके अलावा जो इलाके वायुसेना के इस हमले की जद में आए हैं वो हैं- 

लीपा, पछीबन चाम, काहूता, कोतरली, शारदी, केल, दुधनियाल, अठमुका, जूरा, लैंजोट, निकियाल, खुरेटा, मंथौर।

वायुसेना के सूत्रों के हवाले से कहा है, '26 फरवरी के तड़के भारतीय लड़ाकू विमान मिराज 2000 के एक समूह ने एसओसी पार कर पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकी ठिकाने पर बमबारी की और उसे पूरी तरह से नष्ट कर दिया। आतंकी ठिकाने पर 1000 किलो के बम गिराए गए। इस अभियान में 12 मिराज विमानों ने हिस्सा लिया।'

इस अभियान के लिए वायुसेना ने लेजर गाइडेड बम का इस्तेमाल किया। जिन एयरबोर्न अर्ली वॉर्निंग विमानो का इस्तेमाल इस अभियान में किया गया उन्हें पिछले तीन दिनों से हिंडन एयरबेस पर अलर्ट पर रखा गया है।  

पाकिस्तान के एफ16 विमानों ने भारतीय वायुसेना के मिराज 2000 पर जवाबी कार्रवाई देने की कोशिश की लेकिन भारतीय फॉर्मेशन के के कारण वह ऐसा नहीं कर पाए। इस अभियान को वेस्टर्न एयर कमांड ने अंजाम दिया। 
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