अपने कड़क रुख के लिए पहचाने जाने वाले हिमांशु रॉय की आत्महत्या के पीछे की वजह अभी साफ नहीं हो पाई है, लेकिन बताया जा रहा है कि लंबे समय से बीमारी के चलते वे डिप्रेशन के शिकार हो गए थे। हिमांशु रॉय की आत्महत्या पर महाराष्ट्र के गृहमंत्री दीपक केसरकार ने मीडिया से कहा, ''वे पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे, मैं उनकी मौत की खबर सुनकर हैरान हूं। यह मुंबई पुलिस के लिए भी झटका है। वे इस तरह हार मानने वाले अधिकारी नहीं थे।''
हिमांशु रॉय ने कई चर्चित मामलों की जांच की थी। उन्होंने साल 2013 के आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग केस को सुलझाने में अहम भूमिका अदा की थी। आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामले में दारा सिंह के बेटे बिंदू दारा सिंह को भी उन्होंने गिरफ्तार किया था। इसके अलावा दाऊद की संपत्ति को जब्त करने के अभियान में उनकी प्रमुख भूमिका थी, साथ ही अंडरवर्ल्ड की कवरेज करने वाले चर्चित पत्रकार जेडे की हत्या की गुत्थी को भी उन्होंने सुलझाने में अहम भूमिका निभाई थी।
मुंबई पुलिस के पूर्व डायरेक्टर जनरल पी एस पसरीचा ने बीबीसी से कहा, ''मैं उन्हें तब से जानता हूं जब वे पुलिस में शामिल भी नहीं हुए थे, मैं जब मुंबई में ट्रैफिक पुलिस विभाग का प्रमुख था वो(हिमांशु रॉय) तब से मुझे मिलने आते थे। अपनी बीमारी पर उन्होंने कहा था कि उन्होंने पुलिस की नौकरी में इतना दर्द सहा है तो इस बीमारी के दर्द को भी वे झेल जाएंगे।''