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Assam Unrest: कार्बी आंगलोंग में हिंसा क्यों भड़की? जानिए पूरे विवाद की वजह और ताजा हालात

Tue, 23 Dec 2025 12:08 PM IST
रिया दुबे न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिसपुर

सार

असम के कार्बी आंगलोंग  जिले में आज कोई नई हिंसा की घटना सामने नहीं आई है। पुलिस के अनुसार हालात फिलहाल नियंत्रण में हैं। हालांकि, एहतियात के तौर पर कार्बी आंगलोंग और पश्चिम कार्बी आंगलोंग जिले में निषेधाज्ञा लागू है और कार्बी आंगलोंग में शाम 5 बजे से सुबह 6 बजे तक रात्रि कर्फ्यू जारी है। आइए विस्तार से जानते हैं। 
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असम में हिंसा - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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असम के कार्बी आंगलोंग जिले में आज किसी भी प्रकार की ताजा हिंसा की घटना सामने नहीं आई है। पुलिस ने यह जानकारी दी। बता दें कि एक दिन पहले प्रदर्शनकारियों ने कार्बी आंगलोंग स्वायत्त परिषद (केएएसी) के प्रमुख के आवास और कुछ दुकानों में आग लगा दी थी। 

निषेधाज्ञा अभी भी लागू

कार्बी आंगलोंग और पड़ोसी पश्चिम कार्बी आंगलोंग जिले में निषेधाज्ञा अभी भी लागू है यानी यानी एक जगह पर लोगों के इकट्ठा होने पर रोक है। कार्बी आंगलोंग जिले में रात्रि कर्फ्यू भी लागू है, जिसके तहत शाम 5 बजे से सुबह 6 बजे तक पूरे जिले में किसी भी व्यक्ति या समूह व निजी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित है।

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अधिकारियों ने इलाके की समीक्षा की 

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि सोमवार रात से हिंसा की किसी नई घटना की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है। असम के वरिष्ठ मंत्री रानोज पेगू सोमवार रात को स्थिति की समीक्षा करने के लिए खेरोनी पहुंचे। डीजीपी हरमीत सिंह भी कार्बी आंगलोंग पहुंचे और प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर मौजूदा स्थिति की समीक्षा की।

भूमी पर कब्जा को लेकर हो रहा विवाद 

पेगु ने कहा कि पड़ोसी जिलों से अतिरिक्त बल क्षेत्र में भेजे गए हैं और स्थिति नियंत्रण में है। उन्होंने कहा कि लोगों का एक वर्ग इस बात से नाराज है कि अतिक्रमणकारी पीजीआर और वीजीआर भूमि पर कब्जा जमा रहे हैं। पिछले साल उन्हें बेदखल करने का प्रयास किया गया था, लेकिन गुवाहाटी उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की गई, जिसने बेदखली प्रक्रिया पर रोक लगाने का अंतरिम आदेश पारित किया। पेगु ने आगे कहा कि इस मामले का समाधान केवल बातचीत के माध्यम से ही हो सकता है, और हम प्रदर्शनकारियों और अतिक्रमणकारियों दोनों के साथ बातचीत कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा- अफवाह से फैली उत्तेजना

मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने सोमवार रात कहा था कि यह अफवाह फैलने लगी थी कि भूख हड़ताल पर बैठे तीन प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, और इससे वे उत्तेजित हो गए थे।उन्होंने कहा कि किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है, लेकिन उनकी स्वास्थ्य स्थिति बिगड़ने पर उन्हें इलाज के लिए गुवाहाटी ले जाया गया है।

शर्मा ने कहा कि वह जिला अधिकारियों और विरोध प्रदर्शन कर रहे संगठनों के नेताओं के संपर्क में हैं। उन्होंने आगे कहा कि हमें उम्मीद है कि आज रात तक स्थिति नियंत्रण में आ जाएगी।

प्रदर्शनकारियों और पुलिस की झड़प

सोमवार को, प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की गोलीबारी में चार लोग घायल हो गए, जिन्होंने हिंसक प्रदर्शन करते हुए कार्बी आंगलोंग स्वायत्त परिषद (केएएसी) के तुलिराम रोंगहांग के आवास और खेरोनी बाजार में लगभग 15 दुकानों में आग लगा दी। प्रदर्शनकारियों ने सोमवार को खेरोनी में पुलिस स्टेशन पर हमला करने का भी प्रयास किया, लेकिन सुरक्षा बलों ने इसे विफल कर दिया।

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प्रदर्शनकारी दोनों जिलों में व्यावसायिक चराई आरक्षित (पीजीआर) और ग्राम चराई आरक्षित (वीजीआर) भूमि से अतिक्रमणकारियों को बेदखल करने की मांग कर रहे हैं, जो ज्यादातर बिहट से हैं। प्रदर्शनकारियों ने कार्बी आंगलोंग स्वायत्त परिषद (KAAC) के मुख्य कार्यकारी सदस्य (CEM) के घर में आग लगा दी।

विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठनों से जुड़े प्रदर्शनकारी पिछले 12 दिनों से अवैध रूप से कब्जा किए हुए लोगों को बेदखल करने की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर हैं। आरोप है कि पुलिस ने कार्बी आंगलोंग के खेरोनी इलाके में प्रदर्शनकारियों को जबरन हटाने की कोशिश की, जिसके बाद झड़प हुई। प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने भूख हड़ताल पर बैठे तीन लोगों को गिरफ्तार किया था, लेकिन केएएसी प्रमुख तुलिराम रोंगहांग ने बाद में पत्रकारों को बताया कि उन्हें गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

अधिकारियों ने बताया कि जैसे ही झड़प की खबर फैली, प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने डोनकामोकाम में केएएसी के सीईएम के पुराने आवास में आग लगा दी, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने गोलीबारी की, जिसमें तीन प्रदर्शनकारी और एक पुलिसकर्मी घायल हो गए। 
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