शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने शनिवार को महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर तीखा हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी गद्दारी ने मराठी माणुस के हितों को कमजोर किया, जिसका सीधा फायदा भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को मुंबई नगर निगम (बीएमसी) चुनावों में मिला। राउत का यह बयान ऐसे समय आया है, जब बीजेपी ने आधिकारिक तौर पर कहा है कि मुंबई का अगला मेयर महायुति (बीजेपी-शिवसेना गठबंधन) से होगा।
राउत ने कहा कि ठाकरे परिवार के चचरे भाइयों की पार्टियों ने मिलकर 71 सीटें जीती हैं, जो मराठी मानूस के मजबूत समर्थन को दर्शाता है और इसे बड़ी उपलब्धि बताया।
चुनावी प्रदर्शन पर बात करते हुए राउत ने माना कि एमएनएस अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाई और पार्टी से 10-12 अतिरिक्त सीटें जीतने की उम्मीद थी। उन्होंने कहा कि शिवसेना (यूबीटी)-एमएनएस गठबंधन कई सीटें बेहद कम अंतर 50 से 100 वोट से हार गया।
राउत ने कहा कि भले ही सत्ता हाथ से गई हो, लेकिन उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) ने मध्य मुंबई के अपने पारंपरिक मराठी गढ़ों को बनाए रखा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बदले हुए सियासी समीकरणों के बावजूद शिवसेना (यूबीटी) एमएनएस गठबंधन बीजेपी-शिवसेना सरकार को मुंबई के हितों के खिलाफ कोई भी फैसला लेने नहीं देगा।
बीजेपी-शिवसेना गठबंधन पर हमला बोलते हुए राउत ने कहा कि हमने धनबल, सत्ता के दुरुपयोग और भीड़तंत्र का मुकाबला किया। उन्होंने दावा किया कि शिंदे गुट में शामिल हुए 60 पार्षदों में से 90 प्रतिशत चुनाव हार गए।
एकनाथ शिंदे पर सीधा हमला करते हुए राउत ने कहा कि आपने मराठी माणुस और मुंबई के साथ विश्वासघात किया है। अगर ऐसा न होता तो बीजेपी की 100 पीढ़ियां भी मुंबई का मेयर नहीं बना पातीं। मराठी जनता आपको कभी माफ नहीं करेगी।
राउत ने कांग्रेस की भी सराहना करते हुए कहा कि बीएमसी चुनाव में अकेले उतरने की उसकी रणनीति सफल रही। कांग्रेस ने वंचित बहुजन आघाड़ी (VBA) के साथ मिलकर 24 सीटें जीतीं।
आगे की राजनीति पर टिप्पणी करते हुए राउत ने दावा किया कि मुंबई और 24 अन्य नगर निगमों में बीजेपी की मजबूत जीत के बाद एकनाथ शिंदे की राजनीतिक हैसियत धीरे-धीरे खत्म होगी, क्योंकि अब बीजेपी को उनकी जरूरत नहीं रह जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि उपमुख्यमंत्री और एनसीपी नेता अजित पवार भी लंबे समय तक सत्ता में नहीं रहेंगे और भविष्य में घर वापसी या एनसीपी गुटों के साथ आने की संभावना से इनकार नहीं किया।