फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Priyanka Gandhi: प्रियंका गांधी ने वायनाड को मिले कर्ज पर क्यों उठाया सवाल, पीएम मोदी से की ये मांग

Mon, 24 Feb 2025 10:46 PM IST
बशु जैन डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने वायानाड के लोगों के दुख को उजागर करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लंबा-चौड़ा पत्र लिखकर इस सहायता राशि को कर्ज की बजाय सहायता की तरह बदले जाने की मांग की है। उन्होंने इस सहायता राशि को खर्च करने की समय सीमा भी बढाने की मांग की है।
विज्ञापन
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

गत जुलाई 2024 में केरल के वायनाड के चूरलमाला और मुंदक्कई में भयंकर प्राकृतिक आपदा आई थी। इसमें करीब 300 लोगों की मौत हो गई थी और हजारों घर-स्कूल पूरी तरह बर्बाद हो गए थे। केंद्र सरकार ने इस नुकसान को ठीक करने के लिए वायनाड को 529.50 करोड़ की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई थी। लेकिन यह सहायता एक कर्ज के रूप में दी गई थी। इस कर्ज राशि को भी इसी मार्च महीने तक पूरा उपयोग किया जाना है। वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने वायानाड के लोगों के दुख को उजागर करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लंबा-चौड़ा पत्र लिखकर इस सहायता राशि को कर्ज की बजाय सहायता की तरह बदले जाने की मांग की है। उन्होंने इस सहायता राशि को खर्च करने की समय सीमा भी बढाने की मांग की है।

विज्ञापन


प्रियंका गांधी ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखते हुए कहा कि वायनाड के लोग भी इसी देश के निवासी हैं और इस गंभीर आपदा में पूरे देश को उनके साथ खड़े होना चाहिए। वायनाड के लोगों को अपने घरों स्कूलों सड़कों के निर्माण के लिए आर्थिक सहायता कर्ज के रूप में नहीं दी जानी चाहिए, बल्कि यह पूरी तरह से केंद्रीय सहायता होनी चाहिए। देश के अलग-अलग हिस्सों में आई प्राकृतिक आपदा में इसी तरह से आर्थिक सहायता करती रही है। वायानाड को भी उसी तरह से सहायता दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि आर्थिक सहायता देने के साथ-साथ किसी प्रकार की शर्त लगाना वायनाड के लोगों के साथ अन्याय है। 

राहुल गांधी के वायनाड से इस्तीफा देने के बाद प्रियंका गांधी ने वहां से चुनाव लड़ा था और जीतकर लोकसभा पहुंची थी। एक सांसद के रूप में अपनी जिम्मेदारियां को याद करते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि यह उनकी नैतिक जिम्मेदारी है कि वह वायनाड के लोगों के दुख को केंद्र सरकार के पास तक पहुंचाएं और उन्हें उचित सहायता उपलब्ध करवाये। उन्होंने कहा कि वह अपने इस कर्तव्य का पालन कर रही हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को वायानाड के लोगों को और अधिक आर्थिक सहायता देनी चाहिए।
विज्ञापन


वायनाड में आए भयंकर भूकंप के बाद इसे राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग भी की गई थी, लेकिन केंद्र सरकार ने इसे राष्ट्रीय आपदा मानने से इनकार कर दिया था। प्रियंका गांधी ने कहा है कि वायनाड की त्रासदी को राष्ट्रीय आपदा न स्वीकार करना दुखद है। यह वायानाड के लोगों के साथ अन्याय है। 
विज्ञापन


संंबंधित वीडियो

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें