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Agriculture: गर्मी-बारिश ने क्यों बढ़ा दी किसानों और सरकार की टेंशन? गन्ना-दाल को लेकर उठाए जा सकते हैं ये कदम

Wed, 22 May 2024 09:06 PM IST
अभिषेक दीक्षित डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

उत्तर भारत में भीषण गर्मी के प्रकोप ने सरकार और किसान दोनों की चिंता को बढ़ा रखी है। कई इलाकों में रेड रॉट (गन्ने में लगने वाले लाल सड़न रोग) और टॉप बोरर (सफेद तितली वाला कीड़ा) का प्रकोप देखा जा रहा है। ये दोनों कीट फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
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खेती-किसानी को लेकर अलर्ट - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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इन देश के उत्तर भारत के राज्यों के अलावा राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी भीषण गर्मी का प्रकोप देखने को मिल रहा है। कई शहरों में पारा 45 डिग्री को पार कर चुका है। मौसम विभाग ने दिनों के लिए कई राज्यों में हीट वेव का अलर्ट जारी किया है। जबकि दक्षिण भारत के तमाम इलाकों में बारिश की संभावना व्यक्त की गई है। इसी मौसम ने एक तरफ किसानों की नींद उड़ा रखी है, दूसरी तरफ सरकार की भी टेंशन बढ़ा दी है। ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि सरकार जल्द ही गन्ना और दाल को लेकर एडवाइजरी जारी कर सकती है।

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दरअसल, उत्तर भारत में भीषण गर्मी के प्रकोप ने सरकार और किसान दोनों की चिंता को बढ़ा रखी है। कई इलाकों में रेड रॉट (गन्ने में लगने वाले लाल सड़न रोग) और टॉप बोरर (सफेद तितली वाला कीड़ा) का प्रकोप देखा जा रहा है। ये दोनों कीट फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। अगर समय रहते इन कीटों की रोकथाम नहीं की गई, तो इससे गन्ने की फसल के उत्पादन पर असर पड़ सकता है। गन्ना किसानों की मुख्य फसलों में से एक है। इस पर बड़ी संख्या में किसानों की आय निर्भर करती है।

जानकारी के मुताबिक, फिलहाल जिलों से इसकी रिपोर्ट राजधानी दिल्ली में भेज दी गई है। जिला स्तर पर कई जगह एडवाइजरी जारी की गई है। सरकार भी पूरे मामले पर अपनी नजर बनाए हुए है। ऐसी उम्मीद की जा रही है कि इस मामले में सरकार जल्द ही एडवाइजरी जारी कर सकती है। राज्यों को प्रभावित लोकेशन के लिए जरूरी निर्देश दिए जा सकते हैं और जरूरी दवा और अवेयरनेस कार्यक्रम बढ़ाने के लिए कहा जा सकता है।
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दूसरी तरफ, दक्षिण भारत में बारिश के चलते अलर्ट जारी किया गया है। दाल की बुवाई को सुचारू रखने के लिए राज्य स्तर पर कार्रवाई की जा रही है और किसानों को वाटर लॉगिंग की स्थिति से बचाव करने के लिए कहा गया है। साथ ही मौसम के अनुसार बुवाई के लिए जिला स्तर पर कार्यक्रम शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। इसे लेकर भी सरकार की ओर से जल्द ही एडवाइजरी जारी की जा सकती है।

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