तीन विधानसभा चुनावों में मिली हार को पीछे छोड़ते हुए भाजपा ने अगले लोकसभा चुनाव की तैयारियां शुरु कर दी हैं। इसके लिए उसने उसने कांग्रेस पर जोरदार हमला करने की रणनीति बनाई है। अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर मामले में राहुल गांधी और सोनिया गांधी पर पूरे देश में एक साथ प्रेस कांफ्रेंस कर हमला करना उसकी इसी योजना का हिस्सा था। इस मामले के गवाह क्रिश्चियेन मिशेल के द्वारा कोर्ट में दी गई गवाही अब उसका हथियार बन गई है। भाजपा ने मिशेल की गवाही के सहारे भाजपा ने सोमवार को पूरे देश में कई जगह प्रेसवार्ताएं आयोजित कीं और जनता के सामने गांधी परिवार को कटघरे में खड़ा किया।
दिल्ली में प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कांग्रेस पर जमकर हमला बोला और कहा कि अगस्ता तो केवल एक छोटा सा मामला है जिसमें गांधी परिवार और उनके करीबियों ने 125 करोड़ से अधिक की घूस खाई थी। यूपीए सरकार में जितने भी समझौते हुए हैं, सबकी जांच की जानी चाहिए तब असलियत सामने आएगी कि किन मामलों में कितनी घूस ली गई है।
उन्होंने कहा कि वे मनमोहन सिंह को इस बात के लिए धन्यवाद देते हैं कि उन्होंने इस मामले की जांच सीबीआई को सौंप दिया। अगर वे ऐसा न करते तो शायद इस मामले की सच्चाई सामने ही नहीं आती। भाजपा नेता ने हल्के फुल्के अंदाज में कहा कि शायद एक्सीडेंटल प्राइममिनिस्टर वाली फिल्म में उन्हें एक महिला के द्वारा इसीलिए डाटा जा रहा है। शायद इसीलिए कांग्रेस के द्वारा इस फिल्म का विरोध किया जा रहा है।
इन प्रेस वार्ताओं में भाजपा ने अपने कद्दावर नेताओं को फील्ड में उतारा। लोकसभा चुनाव के मद्देनजर सबसे अहम उत्तरप्रदेश में भाजपा ने अपने स्टार नेता और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ही मैदान में उतार दिया। योगी ने कांग्रेस पर जमकर हमला बोला और उसे भ्रष्टाचार का पर्याय घोषित करने की कोशिश की। मध्यप्रदेश भाजपा के अध्यक्ष राकेश सिंह ने अपने राज्य में खुद मोर्चा संभाला। उन्होंने गांधी परिवार पर हमले के साथ-साथ राज्य में गठित नई सरकार में यूरिया की कमी को राज्य सरकार की घोर प्रशासनिक लापरवाही भी बताया। अन्य राज्यों में भी राज्य के अध्यक्षों ने मोर्चा संभाला।