महानगर के बन्नादेवी के नगला कलार इलाके में रोजगार न होने के कारण आर्थिक तंगी से जूझ रहे दलित परिवार के मुखिया ने खुद जहर खाकर पत्नी व बच्चों को भी जहर खिला दिया।
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मंगलवार आधी रात को हुई इस दिल दहला देने वाली घटना में दंपति की मौत हो गई, जबकि तीन बच्चों की हालत नाजुक बनी हुई है।
हृदयविदारक घटना को परिवार ने छिपाने की कोशिश करते हुए गुपचुप अंतिम संस्कार की तैयारी भी कर ली। मगर तड़के नर्सिंग होम के जरिये पुलिस को जब खबर मिली तो अंतिम संस्कार रुकवाया गया और शवों को कब्जे में लिया।
फिलहाल पुलिस ने जांच करते हुए फॉरेंसिक टीम की मदद से साक्ष्य भी संकलित किए हैं। बच्चों के होश में आने का इंतजार है। उनसे बातचीत के बाद जांच आगे बढ़ाई जाएगी।
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चीखते-चिल्लाते रहे सभी
पूरे परिवार ने खाया जहर
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
मूल रूप से जवां के गांव दाउदपुर नगरिया निवासी दलवीर सिंह दिल्ली एमटीएनएल से सेवानिवृत्त हुए हैं। उन्होंने अपने तीन बेटों क्रमश: साहब सिंह, राकेश व राजकुमार के लिए नगला कलार में तीन मंजिला मकान बनवा दिया था।
समें तीसरे माले पर राकेश (32), पत्नी हरवती (30), बेटा अतरांत (13), बेटी अंतरा (8) व बेटा आशू (5) के साथ रहता था। बीच के माले पर साहब सिंह व प्रथम तल पर राजकुमार परिवार के साथ रहता है।
वाकया रात करीब बारह बजे का है, जब बड़ा बेटा अतरांत चीखता-चिल्लाता नीचे ताऊ साहब सिंह के पास आया और बोला कि पापा की तबियत बिगड़ रही है।
देखते ही समझ गए परिजन
जहर खिलाने के बाद एक निजी अस्पताल के आईसीयू में एडमिट आशू
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
इस पर सभी परिजन दौड़ते हुए ऊपर गए तो देखा कि एक तरफ राकेश बेसुध पड़ा उल्टियां कर रहा था और बाथरूम में हरवती उल्टियां कर रही थी।
कुछ समझ पाते कि तभी तीनों बच्चे भी उसी हालत में पहुंच गए। इस पर समझते देर न लगी कि सभी ने जहर खाया है।
आनन-फानन परिजन पांचों को सारसौल चौराहे के नर्सिंग होम में लेकर पहुंचे। जहां कुछ देर बाद ही इलाज के दौरान राकेश को मृत घोषित कर दिया।
परिजन राकेश का शव दाउदपुर नगरिया ले गए
जहर खिलाने के बाद एक निजी अस्पताल के आईसीयू में एडमिट अतरंत।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
इस पर परिजन राकेश का शव गुपचुप गांव दाउदपुर नगरिया ले गए। चार बजे वहां शव के अंतिम संस्कार की तैयारी थी।
मगर इससे पहले नर्सिंग होम से थाने मीमो पहुंचा तो पुलिस हरकत में आई और पुलिस ने जवां पुलिस की मदद से गांव में शव का अंतिम संस्कार रुकवा दिया।
पुलिस ने वहां से शव पोस्टमार्टम के लिए मंगवा लिया। इसके बाद पुलिस ने नगला कलार में जांच शुरू की। फॉरेंसिक टीम को बुला लिया।
इसी बीच सुबह दस बजे हरवती को भी डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। अब तीनों बच्चे आईसीयू में हैं, जहां बच्ची अंतरा की हालत ज्यादा नाजुक बनी हुई है।
जहर खिलाने के बाद एक निजी अस्पताल के आईसीयू में एडमिट अंतरा
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
जांच में यही पता चल रहा है कि राकेश ने सभी को जहर खाने को दिया। फिर भी बच्चों के होश में आने और बातचीत पर काफी कुछ साफ हो जाएगा। मौके से फॉरेंसिक टीम ने जो साक्ष्य संकलित किए हैं। उनमें सल्फास होने के संकेत हैं। सैंपल की जांच रिपोर्ट का भी इंतजार है। परिजनों से पूछताछ में निकला है कि इन दिनों राकेश बेरोजगार था। इसलिए सुसाइड का कारण भी वही हो सकता है।
- अनुज कुमार, एसओ बन्नादेवी