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शतरंज की बाजी कौन जीतेगा, प्रधानमंत्री मोदी या राहुल गांधी?

Tue, 29 Jan 2019 03:33 PM IST
अमित मंडल शशिधर पाठक, नई दिल्ली
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नरेंद्र मोदी-राहुल गांधी
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के बीच में शतरंज का खेल शुरू हो गया है। यह भी तय है कि इस खेल में जो हारेगा, वह पप्पू बन जाएगा। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह कांग्रेस अध्यक्ष को राहुल बाबा कहकर संबोधित करते हैं। कांग्रेस अध्यक्ष अमित शाह को केन्द्र में रखकर कोई बयान नहीं देते। उनके निशाने पर सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रहते हैं।

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बजट-सत्र-2019-2020 से ठीक पहले राहुल गांधी ने मोदी और भाजपा को फिर चैलेंज कर दिया है। राहुल गांधी ने कहा है कि चुनाव के बाद केन्द्र में सरकार आने पर हर गरीब को देंगे न्यूनतम आय की गारंटी। राहुल गांधी ने यह बयान ऐसे समय में दिया है, जब सरकार अंतरिम बजट के स्थान पर पूर्ण बजट लाने की तैयारी कर रही है। राहुल गांधी ने यह बयान केन्द्र सरकार के शीत कालीन सत्र के आखिरी दिनों में 10 प्रतिशत आर्थिक आधार पर आरक्षण दिए जाने का विधेयक लाने, इसे सदन और राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने, कानून बनने के कुछ दिन बाद दिया है।

राहुल गांधी ने यह बयान केन्द्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी का नेताओं के वादे पर सवाल उठाने के बाद दिया है। माना जा रहा है राहुल गांधी ने पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के दौरान किसानों का कर्जा माफ करने की घोषणा की तरह बड़ा मास्टर स्ट्रोक चल दिया है। राहुल गांधी ने यह राजनीतिक चाल बहन प्रियंका गांधी को पार्टी का राष्ट्रीय महासचिव, पूर्वी उ.प्र. का प्रभार और प्रधानमंत्री के सामने चुनौती पेश करने के बाद चली है।

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क्यों है शतरंज की बाजी

केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री अपने निर्णय से नेताओं और देश को चौंकाते हैं। माना जा रहा है कि बजट-2019 में केंद्र सरकार की योजना खजाने का मुंह खोलने की है। इसमें गरीब, किसान, युवा के लिए सरकार बड़ी घोषणाएं कर सकती है। इससे पहले ही राहुल गांधी ने 2019 में चुनाव के बाद कांग्रेस के नेतृत्व में बनने वाली केंद्र सरकार का बड़ा वादा बता दिया है। कांग्रेस पार्टी ने देश के मजदूरों, गरीबों, गांव के लोगों के लिए सालभर में 100 दिन रोजगार की गारंटी देने का वादा भी चुनाव से पहले किया था। इसे निभाया भी। तीन राज्य राजस्थान, छत्तीसगढ़ और म.प्र. में किसान का कर्जा माफ करने की घोषणा की थी।

सरकार बनने के बाद इसे लागू भी कराया। इतना ही नहीं कर्नाटक में कांग्रेस के सहयोग से बनी सरकार और पंजाब में कांग्रेस की सरकार ने भी किसान का कर्जा माफ करने की पहल की है। ऐसे में राहुल गांधी देश की जनता को संदेश देना चाहते हैं कि कांग्रेस पार्टी जो कहती है, उसे पूरा करती है। इसलिए राहुल गांधी की घोषणा पर यकीन किया जाए। राहुल गांधी ने यह घोषणा ऐसे समय में की है, जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले दिए गए आश्वसन पर सवाल उठ रहे हैं।
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प्रधानमंत्री और पप्पू से क्या रिश्ता?

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पप्पू हैं? इससे जुड़ा सवाल जब जुलाई 2018 में कांग्रेस अध्यक्ष से संवाददाता ने पूछा तो उन्होंने उल्टा सवाल किया था। राहुल गांधी ने मानसून सत्र के दौरान संसद में अपना भाषण दिया था। उन्होंने प्रधानमंत्री पर राफेल घोटाले को लेकर आरोप लगाया और इसके बाद वह प्रधानमंत्री के पास जाकर उनके गले लग गए थे।

राहुल गांधी ने इसी का जिक्र करते हुए उल्टा सवाल किया कि संसद भवन में पप्पू कौन बना? कौन किसके सवाल का जवाब नहीं दे पाया? इसके बाद राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें पप्पू बनाया गया है। उन्हें पप्पू बनाने के लिए भाजपा और आरएसएस ने काफी समय से काफी पैसा खर्च किया है। दुष्प्रचार किया है। इसके बाद राहुल गांधी ने कहा कि वह अगले तीन-चार महीने में बनाई गई पप्पू की छवि को तोड़ देंगे। अब कांग्रेस के नेता भी कहते हैं कि आप कुछ भी कहिए, लेकिन राहुल गांधी को पप्पू नहीं कह सकते। भाजपा के कुछ मंत्री भी मानते हैं कि अब राहुल गांधी पप्पू नहीं रहे। 
 
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