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पहले किसे लगेगा कोरोना का टीका, जानें सरकार के चार प्रमुख समूहों में आप आएंगे या नहीं?

Sat, 05 Dec 2020 05:14 PM IST
अनिल पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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पीएम मोदी-कोरोना वैक्सीन (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अगले कुछ सप्ताह में कोरोना वायरस वैक्सीन तैयार होने की जानकारी दी। साथ ही, कहा कि पहले चरण में वैक्सीन किसे लगेगी, इसके लिए केंद्र सरकार राज्य सरकारों से मिले सुझावों के आधार पर काम कर रही है। दरअसल, सरकार ने कोरोना के टीकाकरण के पहले चरण के लिए चार प्रमुख समूह तैयार किए हैं। इस रिपोर्ट में हम रूबरू होते हैं कि ये चार प्रमुख ग्रुप कौन-कौन से हैं और उनमें किन लोगों को शामिल किया जाएगा? 

सबसे पहले डॉक्टरों को लगेगा टीका

जानकारी के मुताबिक, सरकार की ओर से तय किए चार प्रमुख समूहों में पहला ग्रुप स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़े लोगों का है। दरअसल, इस समूह में उन लोगों को रखा गया है, जो महामारी से शुरुआत से लड़ाई लड़ रहे हैं। इनमें चिकित्सक, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ, हेल्थकेयर सपोर्ट स्टाफ आदि शामिल हैं। सरकार का मानना है कि ये सभी लोग कोविड मरीजों के सबसे ज्यादा संपर्क में आते हैं। ऐसे में उन्हें संक्रमण का खतरा सबसे ज्यादा है। इस वजह से टीके पर सबसे पहला अधिकार इन्हीं लोगों का माना जा रहा है।
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दूसरे समूह में रखे गए ये लोग

सरकार के दूसरे प्रमुख ग्रुप में उन लोगों को रखा गया है, जिन्होंने महामारी के दौर में भी लोगों का ध्यान रखना नहीं छोड़ा। इनमें सेना, पुलिस, फायर ब्रिगेड और नगर निगम जैसे सेक्टर्स शामिल हैं। ऐसे में इन लोगों को कोविड वैक्सीन की लिस्ट में दूसरे नंबर पर रखा गया है।

तीसरे नंबर पर इन लोगों को लगेगा टीका

सरकार की ओर से तय किए गए तीसरे प्रमुख समूह के तहत ऐसे लोगों को टीका लगेगा, जिनकी उम्र 50 साल से ज्यादा है। दरअसल, कोविड-19 का असर सबसे ज्यादा 50 साल से ऊपर उम्र वाले लोगों पर देखने को मिला। ऐसे में अगर आपकी उम्र 50 साल से ज्यादा है तो आपको पहले चरण में ही टीका लग सकता है।

चौथे ग्रुप में आएगा इन लोगों का नंबर

चौथे प्रमुख समूह के तहत ऐसे लोगों को कोरोना का टीका लगेगा, जिनकी उम्र 50 साल से कम होगी, लेकिन वे लोग गंभीर बीमारियों से जूझ रहे होंगे। माना जा रहा है कि इस ग्रुप में बीमारियों के हिसाब से कैटिगरी बनाई जा सकती है। पहले चरण में किडनी की हल्की बीमारी या हल्के हाई ब्लड प्रेशर वाले मरीजों को बाहर रखा जा सकता है।
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