भारत में दवा के उत्पादन, भंडारण, क्लीनिकल ट्रायल, लाइसेंस के लिए अपनाई गई प्रक्रिया को सही पाते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने उस पर अपनी मुहर लगा दी है। इस संबंध में डब्ल्यूएचओ की दक्षिण-पूर्व एशिया की क्षेत्रिय निदेशक डॉ. पूनम खेत्रपाल सिंह ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे.पी.नड्डा को सराहना पत्र लिखा है जिसमें स्वास्थ्य मंत्रालय के कामकाज की सराहना की गई है।
नड्डा ने कहा कि डब्ल्यूएचओ की सराहना से काम करने का उत्साह और बढ़ेगा। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में स्वास्थ्य मंत्रालय ने पिछले कुछ समय में काफी कार्य किए हैं। उन्होंने कहा कि भारत स्वास्थ्य के हर क्षेत्र में विश्व के मानक पर खरा उतरना चाहता है और इसके लिए तेजी से कार्य किए जा रहे हैं। बच्चों के टीकाकरण के क्षेत्र में भारत ने पिछले कुछ समय से कई नई वैक्सीन को यूनिवर्सल इम्यूनाइजेशन प्रोग्राम (यूआईपी) में शामिल किया है।
दरअसल, डब्ल्यूएचओ के नेतृत्व में कई देशों के विशेषज्ञों ने भारत में दवा निर्माण, भंडारण, शोध, टीकाकरण और इसके बाद की स्थिति, केन्द्रीय और राज्य स्तर पर दवा बनाने के लिए दी जाने वाली लाइसेंसिंग प्रक्रिया सहित कुल नौ क्षेत्रों का मूल्यांकन किया था।