डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के अनुसार, 2019 से अब तक टीकाकरण अभियानों की वजह से लगभग 1.7 करोड़ लोगों की जान बची है। भारत में मिशन इंद्रधनुष और कोविड-19 टीकाकरण ने स्वास्थ्य तंत्र को मजबूत किया है, लेकिन लोगों के बीच टीकों पर भरोसा बनाने की चुनौती जारी है।
टीकों ने दुनियाभर में करोड़ों जिंदगियां बचाई हैं लेकिन इस पर भरोसे की जंग अब भी जारी है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक साल 2019 से अब तक पूरी दुनिया में लगभग 1.70 करोड़ लोगों की मौत टीकाकरण अभियानों की वजह से टल गई। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने जारी रिपोर्ट में कहा गया कि कोरोना टीकाकरण और मिशन इंद्रधनुष के जरिए भारत काफी मजबूत स्थिति में खड़ा है।
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डब्ल्यूएचओ की टीका सलाहकार समिति (एसएजीई) की ओर से किए गए मूल्यांकन में बताया कि टीकाकरण से न सिर्फ बच्चों की मृत्यु दर घटी है, बल्कि महामारी के बाद स्वास्थ्य तंत्रों की मजबूती में भी बड़ी भूमिका निभाई है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत ने कोविड-19 के बाद अपने नियमित टीकाकरण कार्यक्रम यूआईपी को तेजी से आगे बढ़ाया है। देश के अधिकांश राज्यों में टीकाकरण कवरेज अब पूर्व कोविड स्तर से भी ऊपर है। इसके अलावा मिशन इन्द्रधनुष जैसे अभियानों ने गांवों और दूरदराज के क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है।
डब्ल्यूएचओ की टीकाकरण निदेशक डॉ. केट ओ ब्रायन ने कहा कि टीकों के प्रति अविश्वास और गलत सूचना अब वैश्विक चिंता बन चुके हैं। भारत के कुछ इलाकों में धार्मिक और सामाजिक भ्रांतियों के कारण टीकाकरण दर में गिरावट देखी गई। उन्होंने कहा कि अधिकांश माता-पिता टीकों पर भरोसा करते हैं लेकिन सोशल मीडिया पर फैलती गलत जानकारी स्वास्थ्य अभियानों के लिए बाधा बनती जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार, कई मध्यम आय वाले देशों को बजटीय कमी का सामना करना पड़ रहा है। भारत के कुछ राज्यों में भी स्वास्थ्य बजट का दबाव, कोल्ड चेन इंफ्रास्ट्रक्चर और मानव संसाधन की कमी जैसी चुनौतियां मौजूद हैं।
मलेरिया और पोलियो पर नई सिफारिशें
रिपोर्ट में डब्ल्यूएचओ की समिति ने कहा है कि मलेरिया टीका की चार खुराक अधिक प्रभावी हैं। यह सिफारिश अफ्रीकी देशों में हुए अध्ययनों के आधार पर की गई है। हालांकि भारत जैसे मलेरिया-प्रभावित देशों के लिए भी प्रासंगिक है। इसके अलावा पोलियो उन्मूलन के लिए डब्ल्यूएचओ ने पोलियो का टीका और आंशिक खुराक दोनों का संयोजन जारी रखने की सलाह दी है। भारत, जो पहले ही पोलियो-मुक्त है, अब इन उपायों को निगरानी और रोकथाम की दिशा में लागू कर रहा है।
भारत की प्रगति वैश्विक मान्यता का प्रमाण
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि भारत में टीकाकरण को लेकर सरकार की नीति हर नागरिक तक पहुंच, हर परिवार को सुरक्षा पर केंद्रित है। मंत्रालय ने कहा है कि भारत का टीकाकरण नेटवर्क दुनिया के सबसे बड़े और मजबूत नेटवर्क में से एक है। मिशन इन्द्रधनुष, आरोग्य मंदिर और मोबाइल टीकाकरण टीमों के माध्यम से हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि किसी भी नागरिक तक पहुंच में कमी न रहे। डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट में भारत की प्रगति वैश्विक मान्यता का प्रमाण है। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार आने वाले महीनों में टीका-भ्रम से निपटने के लिए एक नया अभियान शुरू करने की तैयारी कर रही है।