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कौन हैं एस कीर्तना?: बनीं तमिलनाडु की सबसे युवा मंत्री, विजय कैबिनेट में एकमात्र महिला

Sun, 10 May 2026 12:40 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई।

सार

एस कीर्तना तमिलनाडु की सबसे युवा मंत्री बन गई हैं और विजय की पहली कैबिनेट में अकेली महिला मंत्री हैं। राजनीति में आने से पहले वह चुनावी रणनीति और डिजिटल अभियान संभालती थीं। टीवीके में लंबे समय तक उनकी भूमिका पर्दे के पीछे रही। अब मुख्यमंत्री विजय ने उन्हें बड़ी जिम्मेदारी दी है। पढ़िए रिपोर्ट-
 
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तमिलनाडु की सबसे युवा मंत्री बनीं एस कीर्तना - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक/पीटीआई
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विस्तार
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एस कीर्तना तमिलनाडु की सबसे युवा मंत्रियों में से एक बन गई हैं। मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय की पहली कैबिनेट में वह एकमात्र महिला मंत्री हैं। वह 29 साल की हैं। कीर्तना ने विरुधुनगर जिले की शिवकासी सीट से जीत हासिल की। इसे 'भारत की पटाखा राजधानी' भी कहा जाता है। उन्होंने तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) के टिकट पर चुनाव जीता। 
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कितनी पढ़ी-लिखी हैं युवा मंत्री?
कीर्तना ने मदुरै विश्वविद्यालय से बीएससी की। बाद में पांडिचेरी केंद्रीय विश्वविद्यालय से 2019 में सांख्यिकी में एमएससी तक पढ़ाई की पूरी की। 

राजनीतिक सलाहकार के रूप में किया काम
वह नई पीढ़ी के उन नेताओं में शामिल हैं, जिन्हें विजय ने आगे बढ़ाया है। विजय तमिलनाडु में छह दशकों में पहली बार गैर द्रविड़ दलों वाली सरकार का नेतृत्व करने जा रहे हैं। राजनीति में सक्रिय होने से पहले कीर्तना राजनीतिक सलाहकार के रूप में काम कर चुकी हैं। वह चुनावी व जमीनी स्तर के अभियानों में शामिल रही हैं। उन्होंने टाइम कंसल्टिंग के साथ राजनीतिक सलाहकार के रूप में काम किया है। इसके अलावा, डिजिटल अभियान की रणनीति बनाने का भी काम किया। 

पर्दे के पीछे रहकर निभाई अहम भूमिका
टीवीके में आने से पहले उन्होंने तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) के अभियानों में भी अहम भूमिका निभाई। बताया जाता है कि उन्होंने टीवीके के शुरुआती दौर में पर्दे के पीछे रहकर अहम योगदान दिया, खासकर युवाओं को जोड़ने, क्षेत्र के लिए योजना बनाने और सोशल मीडिया संवाद में। वह विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान तब सुर्खियों में आईं, जब उन्हें टीवीके के युवा और शिक्षित उम्मीदवारों में से एक के रूप में देखा गया। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि उन्हें कैबिनेट में शामिल किया जाना अहम है। वह उम्र में भी युवा हैं और नौ मंत्रियों में अकेली महिला हैं, जिन्होंने सरकार गठन के पहले चरण में शपथ ली। 
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हिंदी बोलकर खींचा जनता का ध्यान
चुनाव जीतने के बाद से एस कीर्तना ने हिंदी में बोलकर भी ध्यान आकर्षित किया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने यह भाषा इसलिए चुनी, ताकि अधिक लोग उनके नेता के संदेश को समझ सकें और उससे जुड़ सकें। उनके इस बयान को तमिलनाडु में पिछले कई वर्षों से जारी हिंदी विरोध की राजनीति के संदर्भ में देखा जा रहा है। मंत्री के रूप में उन्हें शामिल करना एक संकेत माना जा रहा है कि विजय युवाओं को आगे लाना चताहते हैं और चाहते हैं कि सरकार में महिलाओं की भागीदारी बढ़े। 

कैबिनेट में किन नौ विधायकों को बनाया गया मंत्री?
विश्लेषकों का कहना है कि टीवीके पारंपरिक द्रविड़ दलों से अलग दिखने के लिए युवा पेशेवरों और पहली बार राजनीति में आए लोगों को नेतृत्व में आगे बढ़ा रही है। अब तक घोषित कैबिनेट में कीर्तना के साथ केए सेंगोट्टैयन, एन आनंद, आदव अर्जुन, केजी अरुणराज, पी वेंकटरमणन, आर निर्मलकुमार, राजमोहन और टीके प्रभु शामिल हैं।

ये भी पढ़ें: तमिलनाडु में नए राजनीतिक युग का आगाज: विजय के साथ नौ मंत्रियों ने ली शपथ, कैबिनेट में किसे मिली जगह? पूरी सूची

टीवीके ने किन दलों की मदद से पार किया बहुमत का आंकड़ा?
टीवीके ने तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में 108 सीटें हासिल कीं और कांग्रेस तथा सहयोगी दलों भाकपा, माकपा, वीसीके और आईयूएमएल के समर्थन से बहुमत का आंकड़ा पार किया। सहयोगी दलों के समर्थन के बाद राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने विजय को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया और उन्हें 13 मई से पहले विधानसभा में बहुमत साबित करने को कहा।

शपथ ग्रहण समारोह में कौन-कौन शामिल हुए?
शपथ ग्रहण समारोह चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में किया गया, जिसमें राजनेता, फिल्मी हस्तियां और पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए। कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी इस कार्यक्रम में मौजूद रहे।
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कीर्तना ने शपथ लेने के बाद क्या कहा?
मंत्री पद की शपथ लेने के बाद कीर्तना ने मीडिया से बातचीत में कहा, सब कुछ बदलने वाला है और बदलाव आ चुका है। थलापति मुख्यमंत्री जोसेफ विजय यहां हैं। मैं एक मध्यमवर्गीय परिवार से आती हूं। क्या किसी भी राज्य में किसी उम्मीदवार को ऐसा मौका मिलना और फिर कैबिनेट मंत्री बनना आसान है? नहीं। वह लोगों की क्षमता और प्रतिभा को देखते हैं और हम यहां सभी बदलाव लाने के लिए आए हैं। यह सरकार 35 से 50 साल तक चलेगी। हम सबसे लंबे समय तक चलने वाली सरकार बनने जा रहे हैं। 

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