संयुक्त राष्ट्र महासभा में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के हर झूठ की धज्जियां उड़ाने वाली भारत की बेटी पेटल गहलोत सुर्खियों में है। अंतरराष्ट्रीय मंचों का भारत के खिलाफ इस्तेमाल करने की पाकिस्तान की नापाक हरकतों को पेटल गहलोत ने दुनिया के सामने एक बार फिर से बेनकाब कर दिया।
पेटल गहलोत न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन में फर्स्ट सेक्रेटरी यानी प्रथम सचिव हैं। आइए जानते हैं कि पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ को आईना दिखाने वाली पेटल गहलोत कौन हैं?
विदेश सेवा से शुरू हुआ सफर
पेटल गहलोत भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) की अधिकारी हैं। उन्होंने 2015 में आईएफएस ज्वाइन किया था। इससे पहले उन्होंने अपनी पढ़ाई के दौरान राजनीति विज्ञान, समाजशास्त्र और फ्रेंच साहित्य में अकादमिक आधार तैयार किया।
गहलोत ने मुंबई के सेंट जेवियर्स कॉलेज से राजनीति विज्ञान, समाजशास्त्र और फ्रेंच साहित्य में स्नातक की पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने दिल्ली के लेडी श्रीराम कॉलेज फॉर वुमन से राजनीति विज्ञान में मास्टर डिग्री हासिल की। उन्हें राजनीति विज्ञान में गोल्ड मेडल भी मिला था।
किस विशेषज्ञता ने रखी राजनयिक करियर की नींव
उनकी पढ़ाई का एक अहम हिस्सा भाषा और अनुवाद से भी जुड़ा रहा। उन्होंने अमेरिका के मिडिलबरी इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज से भाषा व्याख्या और अनुवाद में मास्टर डिग्री की। यह अध्ययन 2018 से 2020 के बीच हुआ। राजनीति विज्ञान के साथ भाषा और अंतरराष्ट्रीय मामलों की यह पृष्ठभूमि उनके राजनयिक करियर का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है।
पेरिस से सैन फ्रांसिस्को तक निभाई जिम्मेदारियां
आईएफएस में आने के बाद गहलोत ने विदेश मंत्रालय में काम किया। इसके बाद उनकी तैनाती पेरिस स्थित भारतीय दूतावास में हुई, जहां उन्होंने थर्ड सेक्रेटरी और बाद में सेकेंड सेक्रेटरी के रूप में जिम्मेदारी संभाली। 2020 से 2023 के बीच वह विदेश मंत्रालय के यूरोप वेस्ट डिवीजन में अंडर सेक्रेटरी रहीं। इसी अवधि में उनका काम यूरोपीय क्षेत्र से जुड़े मामलों से जुड़ा रहा। इसके बाद उन्होंने अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को स्थित भारतीय मिशन में भी काम किया।
न्यूयॉर्क में भारत का पक्ष रखने की जिम्मेदारी
जुलाई 2023 में पेटल गहलोत को न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन में फर्स्ट सेक्रेटरी नियुक्त किया गया। सितंबर 2024 से उनके पास संयुक्त राष्ट्र में एडवाइजर की भूमिका भी है। 2026 में सतत विकास लक्ष्यों और आर्थिक एवं सामाजिक परिषद से जुड़े कई संवादों में उनके नाम से वक्तव्य दर्ज हैं।
राइट टू रिप्लाई से मिली पहचान
संयुक्त राष्ट्र में गहलोत पहले भी भारत की ओर से राइट टू रिप्लाई के तहत वक्तव्य दे चुकी हैं। 22 सितंबर 2023 को 78वीं संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान उनके नाम से राइट टू रिप्लाई का वक्तव्य दर्ज है। सितंबर 2025 में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के संयुक्त राष्ट्र महासभा में संबोधन के बाद भारत की ओर से उनके जवाब ने उन्हें व्यापक चर्चा में ला दिया।
राजनयिक के साथ संगीत से भी जुड़ाव
पेटल गहलोत की सार्वजनिक प्रोफाइल में संगीत के प्रति उनकी रुचि का भी जिक्र मिलता है। वह गिटार बजाती हैं और फ्रेंच सहित विभिन्न भाषाओं में गाने प्रस्तुत करती रही हैं। उनकी अकादमिक पृष्ठभूमि में फ्रेंच साहित्य और बाद में भाषा व्याख्या एवं अनुवाद की पढ़ाई भी शामिल रही है।