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Bihar: ‘छोटे सरकार’ के वीटो ने अपहरण के आरोपी को बनाया कानून मंत्री, जानें कार्तिकेय सिंह के बारे में सबकुछ

Wed, 17 Aug 2022 01:48 PM IST
जयदेव सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Who is Kartikeya Singh: बिहार के कानून मंत्री कार्तिकेय सिंह शपथ लेते ही विवादों में हैं। अनंत सिंह के करीबी कहे जाने वाले कार्तिकेय पर अपहरण का आरोप है। कार्तिकेय पर और कौन से मामले चल रहे हैं? अनंत से उनके रिश्ते की क्या कहानी है? आइये जानते हैं...
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कार्तिकेय सिंह - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नीतीश कुमार की नई कैबिनेट की शपथ के 24 घंटे के भीतर उनके एक मंत्री विवादों में घिर गए हैं। नीतीश के एक मंत्री पर कानून तोड़ने का आरोप है। इनके पास कोई और नहीं बल्कि कानून मंत्रालय का जिम्मा है। राजद कोटे से कानून मंत्री बने कार्तिकेय सिंह एमएलसी हैं। कार्तिकेय सिंह राजद के बाहुबली विधायक रहे अनंत सिंह के बेहद करीबी माने जानते हैं। अनंत सिंह एके-47 व अन्य हथियार रखने के मामले में विधायकी गंवा चुके हैं।

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कार्तिकेय के खिलाफ मामला क्या है? कार्तिकेय सिंह कौन है? कार्तिकेय ऊपर कितने मुकदमे चल रहे हैं? अनंत सिंह के साथ उनके रिश्ते कैसे रहे हैं? अनंत सिंह का कार्तिकेय को मंत्री बनाने में क्या रोल माना जा रहा है? आइये जानते हैं...

कार्तिकेय के खिलाफ मामला क्या है?

दरअसल, साल 2014 में एक शख्स का अपहरण हुआ था। इस मामले में बिहार के नए कानून मंत्री कार्तिकेय सिंह भी आरोपी हैं। उनके खिलाफ अदालत ने वारंट जारी किया है। उन्हें 16 अगस्त को पेश होना था लेकिन वे उस दौरान शपथ ले रहे थे। कार्तिकेय सिंह ने अभी तक ना तो कोर्ट के सामने सरेंडर किया है ना ही जमानत के लिए अर्जी दी है। कोर्ट ने अब इस मामले में सुनवाई की अगली तारीख एक सितंबर को दे दी है। 

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अनंत सिंह - फोटो : Facebook

कार्तिकेय सिंह कौन है?

 मोकामा के शिवनार गांव के रहने वाले कार्तिकेय सिंह राजनीति में आने से पहले शिक्षक थे। उनकी पत्नी रंजना कुमारी लगातार दो बार मुखिया रह चुकी हैं। कार्तिकेय 2005 में मोकामा के पूर्व विधायक अनंत सिंह के संपर्क में आए। ‘छोटे सरकार’ कहे जाने वाले अनंत सिंह से करीबी इतनी बढ़ी की ‘छोटे सरकार’ ने कार्तिकेय मास्टर को अपना चुनाव रणनीतिकार बना लिया। 

अनंत जब अलग-अलग मामलों में जेल में रहते तो उनके सारे काम कार्तिकेय ही करते। मोकामा से लेकर पटना तक अनंत के हर काम को पूरा करने का जिम्मा कार्तिकेय पर ही रहता। इसी साल अनंत सिंह को सजा होने के बाद उनकी विधायकी चली गई। अब अनंत सिंह की मोकामा सीट पर उप-चुनाव होना है। इस सीट से अनंत की पत्नी नीलम चुनाव लड़ने का एलान कर चुकी हैं। कार्तिकेय मास्टर को मोकामा में नीलम के साथ उनका प्रचार करते हुए भी देखा जाता रहा है। 

बाहुबली अनंत सिंह के साथ कार्तिकेय सिंह - फोटो : Social Media

कार्तिकेय के ऊपर कितने मुकदमे चल रहे हैं? 

चुनावी हलफनामे में कार्तिकेय ने अपने ऊपर चार मामले दर्ज होने की जानकारी दी है। इन मामलों में उनके ऊपर चोरी, अपहरण, दंगा करने, सरकारी काम में बाधा पहुंचाने, आपराधिक साजिश रचने, जबरन वसूली, घातक हथियारों से लैस होकर दंगा करने से जुड़े आरोप हैं। इसके साथ ही  सार्वजनिक सड़क, पुल, नदी या चैनल को नुकसान पहुंचाने का भी आरोप उनके ऊपर है। 

अनंत सिंह के साथ नीतीश कुमार - फोटो : सोशल मीडिया

अनंत सिंह का कार्तिकेय को मंत्री बनाने में क्या रोल माना जा रहा है?

कार्तिकेय ने बीते अप्रैल में पटना एमएलसी सीट पर हुए चुनाव में जीत दर्ज की थी। कहा जाता है कि लालू यादव ने अनंत सिंह के कहने पर ही कार्तिकेय को टिकट दिया था। जेल में बंद अनंत ने कार्तिकेय की जीत की गारंटी दी थी। पटना और उसके आसपास के इलाके को भाजपा का गढ़ माना जाता है। इसके बाद भी मास्टर कार्तिकेय जीतने में सफल रहे थे। एनडीए की ओर से जदयू उम्मीदवार वाल्मीकि सिंह तीसरे नंबर पर खिसक गए थे। 

सरकार बनने के बाद मंत्रिमंडल में भी कार्तिकेय सिंह को जगह मिली है। इसके पीछे भी अनंत सिंह का रोल माना जाता है। कार्तिकेय भूमिहार जाति से आते हैं। कहा जाता है कि अनंत की वजह से ही लालू और तेजस्वी यादव ने कार्तिकेय कुमार को मंत्री पद देने के लिए वीटो लगाया था। यही वजह है कि विरोध के बाद भी उन्हें मंत्री पद मिला है। बिहार की राजनीति में जदयू अध्यक्ष ललन सिंह और अनंत सिंह की अदावत जगजाहिर है। कहा तो यहां तक जा रहा है कि ललन के विरोध के बाद भी अनंत सिंह कार्तिकेय को मंत्री बनवाने में सफल रहे। 

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समीर महासेठ, कार्तिकेय सिंह, संजय झा हैं नीतीश कैबिनेट के सबसे अमीर मंत्री - फोटो : अमर उजाला

नीतीश कैबिनेट से दूसरे सबसे अमीर मंत्री भी हैं कार्तिकेय 

चुनावी हलफनामे के मुताबिक कार्तिकेय सिंह के पास कुल 22.99 करोड़ की संपत्ति है। कार्तिकेय नीतीश कैबिनेट के दूसरे सबसे अमीर मंत्री हैं। नीतीश कैबिनेट के सबसे अमीर मंत्री राजद कोटे के ही सुमीर महासेठ हैं। महासेठ के पास 24.45 करोड़ रुपये की संपत्ति है। नीतीश की कैबिनेट में पांच मंत्री ऐसे हैं जिनकी संपत्ति 10 करोड़ से अधिक है। 

कानून मंत्री समेत 23 मंत्री दागी

कानून मंत्री कार्तिकेय सिंह पर कुल चार केस चल रहे हैं। कार्तिकेय ही नहीं नीतीश कुमार की कैबिनेट में शामिल कुल 33 में से 23 मंत्रियों के ऊपर पर आपराधिक मुकदमे चल रहे हैं। उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव पर सबसे ज्यादा 11 केस चल रहे हैं। तेजस्वी समेत चार मंत्री ऐसे हैं जिनके ऊपर पांच या पांच से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। इनमें तेजस्वी के भाई तेज प्रताप भी शामिल हैं। तेज प्रताप पर पांच मुकदमें चल रहे हैं। राजद कोटे से ही मंत्री बने सुरेंद्र यादव पर नौ तो राजद के ही जितेंद्र राय पर पांच केस चल रहे हैं।

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