पूर्व आईएएस अभिषेक सिंह
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ट्रेनी आईएएस पूजा खेडकर के बाद अब पूर्व आईएएस अभिषेक सिंह चर्चा में आ गए हैं। 2023 बैच की आईएएस अधिकारी पूजा उस वक्त चर्चा में आईं थीं जब उन्होंने अपनी निजी ऑडी कार पर लाल-नीली बत्ती लगाई। पूजा पर शक्तियों के दुरुपयोग का भी आरोप लगा है। इसके अलावा पूजा के दिव्यांगता कोटे से नियुक्ति को लेकर तमाम सवाल खड़े हो रहे हैं जिसकी जांच के लिए केंद्र ने एक समिति गठित की है। पूजा की तरह ही पूर्व आईएएस अधिकारी अभिषेक सिंह पर भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि वह भी विकलांगता कोटे के तहत आईएएस बने थे। हालांकि, पूर्व आईएएस ने अपने ऊपर लगे आरोपों पर पलटवार करते हुए इसे फर्जी प्रचार करार दिया है।
आइये जानते हैं कि पूर्व आईएएस अभिषेक सिंह से जुड़ा विवाद क्या है? पूर्व आईएएस में आरोपों पर क्या जवाब है? पूर्व आईएएस अभिषेक सिंह कौन हैं?
आरोपों पर अभिषेक सिंह ने क्या जवाब दिया है?
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किए लंबे पोस्ट में पूर्व आईएएस अभिषेक सिंह ने अपने ऊपर लगे आरोपों पर जवाब दिया है। अभिषेक ने कहा, 'मैं अपने पुरुषार्थ, कर्मठता और साहस के लिए जाना जाता हूं। किसी की कृपा के लिए नहीं। मैंने अपने जीवन में जो कुछ हासिल किया है अपने दम पर हासिल किया है, किसी आरक्षण के दम पर नहीं।'
अपने पारिवारिक प्रभुत्व के आरोपों पर भी पूर्व आईएएस ने जवाब दिए। पूर्व प्रशासनिक अधिकारी ने कहा, 'कहा गया कि मेरे पिताजी आईपीएस अधिकारी थे इसलिए मुझे फायदा मिला। मेरे पिताजी एक बहुत गरीब परिवेश से निकलकर पीपीएस अधिकारी बने, आईपीएस में प्रमोट हुए थे। उनकी तीन संतानें हैं, यानी मेरी एक छोटी बहन और एक छोटा भाई। उन्होंने भी यूपीएससी की तैयारी की पर सेलेक्शन नहीं हो सका, इसके अलावा मेरे सात और कजिंस ने प्रयास किया, कई कर भी रहे हैं, अभी तक किसी का भी चयन नहीं हो सका है। अपने पूरे खानदान में मैं इकलौता आईएएस में चयनित हुआ।'
अंत में पूर्व आईएएस अधिकारी ने कहा, 'यूपीएससी में कोई निवास प्रमाणपत्र नहीं लगता। जिसने भी यूपीएससी दिया है उसको पता होगा। तो ये फर्जी प्रचार बंद करें। जिसको जो भी पूछना है मैं जवाब देने के लिए तैयार हूं।'