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Assam: कौन हैं कांग्रेस के सबसे ताकतवर मुस्लिम नेता रकीबुल हुसैन, जिनके चलते भूपेन बोरा को छोड़नी पड़ी पार्टी

Wed, 18 Feb 2026 11:48 AM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी

सार

असम कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष भूपेन बोरा के कांग्रेस से इस्तीफे की वजह पार्टी के लोकसभा सांसद रकीबुल हुसैन को बताया जा रहा है। रकीबुल हुसैन असम कांग्रेस के सबसे ताकतवर मुस्लिम नेता हैं। आइए जानते हैं कि कौन हैं रकीबुल हुसैन और उन्हें लेकर क्या है विवाद...
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रकीबुल हुसैन - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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असम कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष भूपेन बोरा ने हाल ही में कांग्रेस पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। विधानसभा चुनाव से ठीक पहले भूपेन बोरा के पार्टी छोड़ने का फैसला हैरान करने वाला है। भूपेन बोरा के कांग्रेस छोड़ने की वजह कांग्रेस सांसद रकीबुल हुसैन को बताया जा रहा है। बोरा ने आरोप लगाया है कि असम में कांग्रेस की पूरी बागडोर रकीबुल हुसैन के हाथ में है और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई सिर्फ नाम के नेता हैं। 
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कौन हैं रकीबुल हुसैन?
  • रकीबुल हुसैन असम की धुबरी लोकसभा सीट से सांसद हैं और असम के दिवंगत सीएम तरुण गोगोई के करीबी रहे हैं। रकीबुल हुसैन तरुण गोगोई की सरकार में मंत्री भी रहे और असम में कांग्रेस के सबसे ताकतवर मुस्लिम नेता के रूप में जाने जाते हैं। 
  • रकीबुल हुसैन की सियासी ताकत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 2024 के लोकसभा चुनाव हुसैन ने धुबरी सीट पर एआईयूडीएफ प्रमुख बदरुद्दीन अजमल को 10 लाख से ज्यादा वोटों से शिकस्त दी थी। यह पूरे देश में जीत का सबसे बड़ा अंतर था। बदरुद्दीन अजमल भी तीन बार धुबरी सीट से सांसद चुने जा चुके हैं। 
  • रकीबुल हुसैन साल 2001 से लेकर 2024 तक नागांव जिले की समागुरी सीट से पांच बार विधायक रहे। असम में कांग्रेस के लिए मुस्लिम वोटबैंक को साधने में रकीबुल हुसैन की अहम भूमिका है।
  • असम में मुस्लिम आबादी करीब 30 फीसदी है और इस आबादी को अपने पाले में करने के लिए एआईयूडीएफ जैसी क्षेत्रीय पार्टियां कोशिशों में जुटी हैं।
  • कांग्रेस द्वारा अपने इस वोट बैंक को साधने के लिए रकीबुल हुसैन जैसे नेताओं की सख्त जरूरत है। 
  • हालांकि भाजपा रकीबुल हुसैन पर गंभीर आरोप लगाती है। भाजपा का आरोप है कि राज्य सरकार में वन मंत्री रहते हुए रकीबुल हुसैन ने घुसपैठियों को संरक्षण दिया और अवैध घुसपैठ को बढ़ावा दिया। 
'भूपेन बोरा के जाने से कमजोर होगी कांग्रेस'
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा ने कहा कि वरिष्ठ नेता और पूर्व एपीसीसी अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा के कांग्रेस छोड़ने से आगामी चुनावों से पहले विपक्षी पार्टी कमजोर होगी। सरमा ने मंगलवार को औपचारिक रूप से घोषणा की कि बोरा 22 फरवरी को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होंगे और इसे असम की राजनीतिक तस्वीर में एक मोड़ बताया। सीएम सरमा ने कहा कि भूपेन बोरा का कांग्रेस छोड़ना, पार्टी के भीतर की कलह को दर्शाता है। 
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सरमा ने कांग्रेस उच्च कमान के बोरा की शिकायतों के निपटारे पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ नहीं सुना गया। बिना किसी विशेष व्यक्ति का नाम लिए उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के कुछ नेता जमींदारों की तरह काम करते हैं, जो जमीनी हकीकत से कटे हुए हैं और जवाबदेही स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं।
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