प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फर्जी एआई वीडियो मामले में हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस ने मेटा इंडिया प्रमुख अरुण श्रीनिवास के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। अरुण श्रीनिवास कई वरिष्ठ पदों पर काम कर चुके हैं। आईए जानतें हैं उनके बारे में.....
सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फर्जी और एआई-जनरेटेड वीडियो वायरल होने के मामले में हैदराबाद पुलिस ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। हैदराबाद की साइबर क्राइम पुलिस ने फेसबुक और इंस्टाग्राम की मूल कंपनी मेटा इंडिया के प्रमुख अरुण श्रीनिवास और कई सोशल मीडिया यूजर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। आईए जानते हैं कि आखिरी कौन हैं अरुण श्रीनिवास? मेटा इंडिया में उनकी क्या भूमिका है?
कौन हैं अरुण श्रीनिवास?
अरुण श्रीनिवास ने अपने करियर की शुरुआत फास्ट-मूविंग कंज्यूमर गुड्स (एफएमसीजी) क्षेत्र में की और 1996 में रीबॉक से जुड़े। पांच वर्षों में उन्होंने तीन महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं।
फूड्स साउथ एशिया में क्या रोल था?
इसके बाद वे तरक्की करते हुए 'फूड्स साउथ एशिया' के कैटेगरी वाइस प्रेसिडेंट बने, जहां वे भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका और बांग्लादेश में बिनेस के लिए जिम्मेदार थे। इससे पहले, उन्होंने वाइस प्रेसिडेंट के तौर पर स्किन केयर और मेकअप, और बेवरेजेज कैटेगरी को संभाला, जिसमें फेयर एंड लवली, पॉन्ड्स, वैसलीन, लैक्मे और नॉर जैसे जाने-माने ब्रांड शामिल थे।
FMCG से टेक और इन्वेस्टमेंट तक
2017 में यूनिलीवर छोड़ने के बाद श्रीनिवास वेस्टब्रिज कैपिटल पार्टनर्स के साथ ऑपरेटिंग एडवाइजर के तौर पर प्राइवेट इक्विटी सेक्टर में चले गए। यहां, उन्होंने कंज्यूमर वर्टिकल को लीड किया और विनी कॉस्मेटिक्स और एनरिच सैलून जैसी पोर्टफोलियो कंपनियों की ग्रोथ में मदद की।
इसके बाद 2019 में वे ओला में एक टॉप रोल में आ गए, जहां उन्होंने सीओओ और ग्लोबल सीएमओ के तौर पर काम किया। उन्होंने ओला के भारत के बिजनेस के लिए पूरे प्रॉफिट और लॉस को संभाला और मार्केटिंग, रेवेन्यू और कैब, बाइक और ऑटो जैसी सभी मोबिलिटी कैटेगरी की देखरेख की। उन्होंने ओला के लंदन लॉन्च में भी अहम भूमिका निभाई, जहां कुछ ही हफ्तों में यह शहर की दूसरी सबसे बड़ी राइड-हेलिंग कंपनी बन गई।
ओला में क्या रही भूमिका?
मेटा में भूमिका
कहां से शिक्षा प्राप्त की है?