धूम्रपान छोड़कर डायबिटीज टाइप-2 होने का खतरा 30 से 40 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है। यह दावा विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने मंगलवार को विश्व डायबिटीज दिवस पर किया। उन्होंने बताया, दुनिया में सबसे ज्यादा लोगों को प्रभावित कर रही डायबिटीज को बढ़ाने में धूम्रपान बड़ी भूमिका निभाता है। यह शरीर में शुगर की मात्रा नियंत्रित करने की क्षमता को नुकसान पहुंचाता है।
डब्ल्यूएचओ के साथ अंतरराष्ट्रीय डायबिटीज फेडरेशन और न्यूकासल विवि ने सूचना जारी कर कहा, दुनिया में 95 प्रतिशत डायबिटीज के मामले टाइप-2 के हैं। यह दुनिया में मृत्यु की 9वीं सबसे बड़ी वजह भी। 240 राष्ट्रीय डायबिटीज एसोसिएशनों की अंतरराष्ट्रीय फेडरेशन ने डायबिटीज दिवस 2023 पर अनुमान दिया कि विश्व के 53.7 करोड़ लोग इसकी चपेट में आ चुके हैं। यह संख्या लगातार बढ़ रही है।
धूम्रपान से डायबिटीज की जटिलता बढ़ने का जोखिम
डब्ल्यूएचओ के अनुसार धूम्रपान से डायबिटीज से जुड़ी जटिल बीमारियों का खतरा भी बढ़ता है। हृदय रोग, किडनी के फेल होना, दृष्टिहीनता आदि इनमें शामिल हैं। जख्मों के ठीक होने की रफ्तार घट जाती है। पैरों में संक्रमण बढ़ने पर इन्हें काटने के हालात भी बनते हैं।
यह सिफारिशें दीं
- जिन्हें डायबिटीज है, उन्हें बीमारी की जटिलताएं घटाने के लिए धूम्रपान छोड़ना बेहद जरूरी है।
- लोगों को धूम्रपान के प्रति हतोत्साहित करना होगा।
- सार्वजनिक स्थलों, कार्यालयों आदि में तंबाकू का धुआं किसी भी स्थिति में फैलने दें।
- इंडोर जगहों पर सिगरेट या तंबाकू का धुआं धूम्रपान न करने वालों के लिए हानिकारक साबित होता है।