विस चुनाव 2017 में जिले में पहले चरण में चुनाव प्रचार करने आए स्टार प्रचारकों में केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह सबसे ज्यादा महंगे साबित हुए, तो सपा के राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव ने सबसे कम खर्चा कराया। रामगोपाल यादव की तीन जनसभाएं 35 हजार में निपट गईं। बसपा सुप्रीमो मायावती की एक रैली में चार लाख रुपये तो सीएम अखिलेश की जनसभा पर साढे़ तीन लाख रुपये खर्च हुए।
जिले में विधानसभा चुनाव में मतदान से दो दिन पहले तक विभिन्न पार्टियों के स्टार प्रचारकों ने जिले में दस्तक दी। केंद्रीय गृहमंत्री की 4 फरवरी को रामलीला मैदान में हुई जनसभा 566212 रुपये की पड़ी। इसमें अकेले भीड़ लाने वाली बसों पर ही 21,5,000 रुपये खर्च हुए। जबकि अन्य खर्चों में हेलीपैड, कुर्सी, मंच समेत तमाम खर्चे शामिल हैं। बसपा सुप्रीमो मायावती की तीन फरवरी को रामलीला मैदान में हुई जनसभा 40,7,122 रुपये में हुई। जिसका जिले के प्रत्येक प्रत्याशी पर एक लाख रुपये का खर्च पड़ा।
वहीं 30 जनवरी को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की जीआईसी ग्राउंड में हुई जनसभा में 3,49,560 रुपये का व्यय किया गया। इसमें कुर्सी, मंच, पोस्टरों पर ज्यादा खर्च हुआ। छह फरवरी को मेहता पार्क में हुई आजम खान की जनसभा पर 95,110 रुपये खर्च किए गए। जनसभा में हेलीपैड का खर्च 35,000 रुपये हए।
हेलीपैड के खर्च ने प्रत्याशियों का बजट बिगाड़ा
सांकेतिक चित्र
सबसे सस्ती सात फरवरी को जनसभा सपा के राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव की बदन सिंह इंटर कालेज सकीट में 22,750 रुपये, करतला चौराहे में 6,025 रुपये, जनेश्वर मिश्र सभागार में 7,075 रुपये में हुई। प्रत्याशियों ने जनसभा में खर्चों में बिजली, मंच, बेरीकेडिंग, टेंट, कुर्सी, प्रचार समेत तमाम खर्च दिखाए हैं। आरओ रवि प्रकाश श्रीवास्तव ने बताया कि प्रत्याशियों से निर्वाचन व्यय में रैली और जनसभाओं का खर्च मांगा गया था।
हेलीपैड ने बढ़ाया खर्च
एटा विस में हुई जनसभाओं में हेलीपैड के खर्च ने प्रत्याशियों का बजट बिगाड़ा। एक स्टार प्रचारक के हेलीपैड के लिए प्रशासन की ओर 1,63,000 रुपये रेट निर्धारित हुए था। लेकिन रामगोपाल यादव को छोड़कर सभी स्टार प्रचारक हैलीकाप्टर से जनसभा करने पहुंचे थे।