केंद्रीय अर्धसैनिक बलों में 'एसएससी जीडी 2018' की भर्ती प्रक्रिया को पूरी करने के लिए नोडल एजेंसी कौन है। ये सवाल उस मौके पर उठ खड़ा हुआ है, जब इसके आवेदक नियुक्ति पत्र मिलने के इंतजार में बैठे हैं। एसएससी ने पीएमओ को जो जानकारी दी है, उसमें भर्ती प्रक्रिया पूरी करने के लिए सीआरपीएफ को नोडल एजेंसी बताया गया है। कॉन्फेडरेशन ऑफ एक्स पैरामिलिट्री फोर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने जब इस बाबत सीआरपीएफ मुख्यालय से कुछ जानना चाहा तो जवाब मिला कि नोडल एजेंसी बीएसएफ है।
एसोसिएशन के महासचिव रणबीर सिंह के मुताबिक उन्होंने सीआरपीएफ डीजी के समक्ष यह मुद्दा उठाया था कि केंद्रीय अर्धसैनिक बलों में जो पद खाली हैं, उन्हें तत्काल भरा जाए। इसके अलावा एसएससी जीडी-2018 के उम्मीदवारों की भर्ती प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा कर आवेदकों को राहत प्रदान की जाए। नियुक्ति प्रक्रिया में देरी के चलते इन आवेदकों की आयु निकलती जा रही है। सपनों को उड़ान न मिलने के कारण ये आवेदक निराश होते जा रहे हैं।
इस बाबत एसोसिएशन ने 28 जुलाई को प्रधानमंत्री कार्यालय को एक चिट्ठी लिखी थी। उसके जवाब में एसएससी की तरफ से सूचित किया गया कि उपरोक्त भर्ती प्रक्रिया की नोडल एजेंसी सीआरपीएफ को बनाया गया है। इसमें अब एसएससी का कोई रोल नहीं है। इसके बाद 28 अगस्त को सीआरपीएफ डीजी डॉ. एपी महेश्वरी के साथ हुई एसोसिएशन की बैठक में कहा गया कि इस भर्ती प्रक्रिया के लिए नोडल एजेंसी बीएसएफ को बनाया गया है।
रणबीर सिंह बताते हैं कि ये सब बातें रिकॉर्ड पर हैं। ऐसे में हम किसके पास जाकर भर्ती प्रक्रिया को तेज करने की गुहार लगाएं। सीआरपीएफ मुख्यालय ने लिखित में जवाब दिया है कि इस भर्ती की नोडल एजेंसी बीएसएफ है। कर्मचारी चयन आयोग द्वारा कुल 3639 उम्मीदवारों की सूची चिकित्सकीय परीक्षण के लिए तैयार की गई थी। इसमें से 866 उम्मीदवारों की सूची उनकी चिकित्सक जांच कराने के लिए सीआरपीएफ को आवंटित की गई थी।
इसके बाद 506 उम्मीदवारों की चिकित्सत जांच 16 मार्च 2020 से 22 मार्च 2020 के दौरान किया जा चुका है। उसके बाद वैश्विक महामारी कोविड-19 के कारण चिकित्सकीय परीक्षण की कार्रवाई स्थगित कर दी गई। बाकी बचे 360 उम्मीदवारों का चिकित्सा जांच 11 सितंबर से 21 सितंबर के बीच संयुक्त अस्पताल, सीआरपीएफ नई दिल्ली में कराई गई है।