फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जान लीजिए कहां और किन-किन राज्यों में है रामदेव की जमीन?

Tue, 07 Feb 2017 06:06 PM IST
बीबीसी हिंदी. कॉम के लिए
विज्ञापन
विज्ञापन
साल 2007 में जब पतंजलि आयुर्वेद की शुरुआत हुई तो किसी ने नहीं सोचा था कि 10 साल में ही ये कंपनी कई उत्पाद श्रेणियों में बहुराष्ट्रीय कंपनियों को चुनौती पेश करने लगेगी। लेकिन हुआ यही। योग गुरु बाबा रामदेव बैनरों से लेकर टीवी तक कंपनी के उत्पादों का प्रचार कर रहे हैं और उनकी कंपनी अब कई हजार करोड़ का साम्राज्य बन चुकी है।
विज्ञापन


साल 2015-16 में पतंजलि आयुर्वेद की कमाई 5 हजार करोड़ पर पहुंच गई थी जो उससे पिछले साल की तुलना में 150 फीसदी ज्यादा है। कंपनी 2016-17 में 10 हजार करोड़ कमाई तक पहुंचने का लक्ष्य बना रही है।

पांच साल में कंपनी की कमाई में दस गुना से ज्यादा का उछाल आया है। कामयाबी की इस स्पीड के पीछे पतंजलि आयुर्वेद का विस्तार है। कंपनी देश के कई राज्यों में नए प्लांट और फूड पार्क बना रही है। देश में बाबा रामदेव को कहां-कहां जमीन मिली है, जान लीजिए
विज्ञापन

असम

पतंजलि आयुर्वेद को असम के तेजपुर में हर्बल और मेगा फूड पार्क के लिए 150 एकड़ जमीन दी जा चुकी है। लेकिन इकोनॉमिक टाइम्स के मुताबिक बाबा रामदेव ने असम के उद्योग मंत्री चंद्र मोहन पटवारी से मुलाकात कर 33 एकड़ जमीन और मांगी है। 1,200 करोड़ रुपए के इस पार्क में 10 लाख टन सालाना क्षमता की मैन्युफैक्चरिंग इकाई होगी। ये इस साल मार्च में पूरी तरह ऑपरेशनल हो जाएगी।

उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश सरकार ने पिछले साल नवंबर में पतंजलि आयुर्वेद को ग्रेटर नोएडा में 2,000 करोड़ रुपए का फूड पार्क बनाने की इजाजत दे दी है। और साथ ही यूनिट के लिए यमुना एक्सप्रेसवे पर 450 एकड़ जमीन देने पर भी सरकार राजी हुई। ऐसा कहा जा रहा है ये इकाई पूरी क्षमता तक पहुंचने के बाद सालाना 25 हजार करोड़ रुपए के उत्पाद तैयार करेगी।
 

मध्य प्रदेश

शिवराज सिंह चौहान के मध्य प्रदेश ने भी बाबा रामदेव की पतंजलि आयुर्वेद को अपने यहां खींच लिया है। समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक पतंजलि राज्य के धार जिले में 500 करोड़ की फूड प्रोसेसिंग यूनिट लगाने की दिशा में बढ़ रही है। इसके लिए बाबा रामदेव की कंपनी को 400 एकड़ जमीन दी जाएगी।

महाराष्ट्र

इसके अलावा नागपुर में पतंजलि मेगा फूड और हर्बल पार्क की आधारशिला रखी जा चुकी है। ये फूड पार्क 230 एकड़ में फैला होगा। जाहिर है, यहां से पतंजलि आयुर्वेद को मध्य और पश्चिमी भारत के प्रमुख बाजारों तक पहुंचने में मदद मिलेगी। पीटीआई के मुताबिक मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस ने कहा था कि पतंजलि बिड देने वाली इकलौती कंपनी थी। इस सौदे में जमीन 25 लाख रुपए प्रति एकड़ दी गई।
 
विज्ञापन

आंध्र प्रदेश

खबर आई है कि योग गुरु बाबा रामदेव ना केवल उत्तर और मध्य बल्कि दक्षिण भारत तक कदम फैलाने की कोशिश में हैं। हाल में पतंजलि आयुर्वेद के सीईओ आचार्य बालकृष्ण कृष्णापटनम पोर्ट और उसके आसपास का इंडस्ट्रियल एरिया घूमकर आए थे। नेल्लोर जिले में शुरुआत कर बाबा रामदेव अपना कारोबारी साम्राज्य दक्षिण भारत तक फैलाना चाहते हैं। फिलहाल पातंजलि आयुर्वेद का सबसे बड़ा केंद्र हरिद्वार में है। पतंजलि फूड एंड हर्बल पार्क में अलग-अलग तरह की कई इकाइयां काम कर रही हैं।

कंपनी आगे चलकर ना केवल भारत बल्कि नेपाल में भी पैर पसारने की योजना बना रही है। स्कॉटलैंड में पतंजलि योगपीठ ट्रस्ट के पास एक आईलैंड भी है। ऐसा कहा जाता है कि लिटिल कंब्री आइलैंड को यूरोप में बाबा रामदेव के ट्रस्ट का कारोबार देख रहे सैम और सुनीता पोद्दार ने दान में दिया था। इस खूबसूरत द्वीप पर पतंजलि योगपीठ ट्रस्ट के निर्देशन में कथित तौर पर योग पर्यटन को बढ़ावा दिया जाता है और इसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय योगा केंद्र बनाने की योजना है।
 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें