संसद में सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं के लिए स्तनपान कक्ष की सुविधा उपलब्ध कराने का मामला उठा है। सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं और बच्चों के लिए फीडिंग रूम तथा चेंजिंग रूम स्थापित करने के लिए महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, नागरिक उड्डयन मंत्रालय, रेलवे बोर्ड और सभी राज्यों एवं संघ राज्य क्षेत्रों को पत्र लिखा है।
देश में सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं के लिए स्तनपान कक्ष की सुविधा कहां कहां उपलब्ध है? सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं और बच्चों के लिए फीडिंग रूम तथा चेंजिंग रूम स्थापित करने के लिए महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (एमओआरटीएच), नागरिक उड्डयन मंत्रालय, रेलवे बोर्ड और सभी राज्यों एवं संघ राज्य क्षेत्रों को पत्र लिखा है। इस मामले में हवाई अड्डों ने सबसे ज्यादा फीडिंग रूम तथा चेंजिंग रूम स्थापित किए हैं। पांच छह राज्यों को छोड़कर अधिकांश प्रदेशों में फीडिंग रूम तथा चेंजिंग रूम की संख्या बाबत कोई जानकारी नहीं दी गई है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने सूचित किया है कि भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) के अंतर्गत आने वाले हवाई अड्डों और गैर एएआई हवाई अड्डों पर महिलाओं के लिए क्रमश: 164 और 148 फीडिंग रूम तथा चेंजिंग रूम स्थापित किए गए हैं।
विज्ञापन
बुधवार को राज्यसभा सदस्य अशोकराव शंकरराव चव्हाण द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने बताया कि महिला एवं बाल विकास मंत्रालय (एमडब्लूसीडी) ने समय-समय पर सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (एमओआरटीएच), नागरिक उड्डयन मंत्रालय, रेलवे बोर्ड और सभी राज्यों एवं संघ राज्य क्षेत्रों को सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं और बच्चों के लिए फीडिंग रूम तथा चेंजिंग रूम स्थापित करने के लिए पत्र लिखा है। एमओआरटीएच ने एसोसिएशन ऑफ स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट उपक्रमों द्वारा दी गई जानकारी भेजी है, जिसके अनुसार तेलंगाना राज्य सड़क परिवहन निगम (टीएसआरटीसी) के 26 बस स्टेशनों पर फीडिंग रूम उपलब्ध हैं।
कोयंबटूर में तमिलनाडु राज्य परिवहन निगम (टीएनएसटीसी) के दो बस स्टेशनों पर महिलाओं के लिए स्तनपान कक्ष की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) के 50 बस स्टेशनों पर फीडिंग रूम उपलब्ध है। इस संबंध में दिल्ली, गोवा, चंडीगढ़ और मेघालय सहित राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों ने भी की गई कार्रवाई की सूचना दी है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के सचिव द्वारा सभी मंत्रालयों/विभागों के सचिवों और सभी राज्य सरकारों तथा संघ राज्य क्षेत्रों के मुख्य सचिवों को परामर्श भेजा गया है।
विज्ञापन
इसमें कार्यालय परिसर के अंदर और बाहर, कामकाजी महिलाओं का कल्याण सुनिश्चित करने और उनकी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए सार्वजनिक स्थानों को लैंगिक अनुकूल स्थान बनाने की जरूरत के बारे में बताया गया है। इसके जरिए अर्थव्यवस्था में उनकी पूर्ण और सार्थक भागीदारी को प्रोत्साहित किया जा सकता है। इस परामर्श में मंत्रालयों तथा विभागों के कार्यस्थलों और उनके संबद्ध संस्थानों पर लैंगिक अनुकूल स्थान बनाने के लिए गतिविधियों की एक सांकेतिक सूची शामिल है।
-महिला कर्मचारियों की मासिक धर्म स्वच्छता की मूलभूत आवश्यकताओं का समाधान करने के लिए शौचालयों में सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीन और भस्मक की स्थापना
-फीडिंग रूम, शौचालय और योग कक्षों के लिए स्थान आवंटित करना
-कामकाजी माताओं की सहायता के लिए 50 या इससे अधिक कर्मचारियों वाले प्रत्येक सार्वजनिक भवन में कम से कम एक क्रेच सुविधा स्थापित करना
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय सभी राज्यों तथा संघ राज्य क्षेत्रों के लिए मिशन शक्ति के अंतर्गत 'पालना' घटक क्रियान्वित कर रहा है, जिसके अंतर्गत ध्यान क्षेत्र बच्चों को डे केयर सुविधाएं और सुरक्षा प्रदान करना है। पालना के अंतर्गत मंत्रालय ने आंगनवाड़ी सह क्रेच (एडब्लूसीसी) के माध्यम से बच्चों की देखभाल की निशुल्क सेवाएं प्रदान की हैं। विभिन्न राज्यों तथा संघ राज्य क्षेत्रों से प्राप्त प्रस्तावों के अनुसार, अभी तक 34 राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों में 11395 एडब्लूसीसी को मंजूरी दी गई है।