केंद्रीय कोयला मंत्री जी किशन रेड्डी ने बताया कि अमेरिका में कथित रूप से हत्या की शिकार निकिता गोदिशाला के पार्थिव शरीर को 7 या 8 जनवरी को भारत लाए जाने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि इसके लिए सभी कानूनी और प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं।
अमेरिका में कथित तौर पर हत्या की शिकार हुई निकिता गोदिशाला के पार्थिव अवशेषों को 7 या 8 जनवरी तक भारत लाए जाने की संभावना है। केंद्रीय कोयला मंत्री जी किशन रेड्डी ने बुधवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सभी कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं।
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रेड्डी ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि अमेरिका के मैरीलैंड में निकिता गोदिशाला के दुर्भाग्यपूर्ण निधन के संबंध में एक अपडेट साझा कर रहा हूं: सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं, और पार्थिव शरीर को आज या कल भारत लाया जाएगा।
निकिता के परिवार ने किया था अनुरोध
उन्होंने वाशिंगटन स्थित भारतीय दूतावास का एक पत्र भी पोस्ट किया, जिसमें कहा गया है कि निकिता के पार्थिव शरीर को भारत ले जाने पर दूतावास को कोई आपत्ति नहीं है। निकिता गोदिशाला के परिवार के अनुरोध के बाद, किशन रेड्डी ने विदेश मंत्री एस जयशंकर से संपर्क कर उनके पार्थिव शरीर को भारत वापस लाने की प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाने का अनुरोध किया था।
कैसे हुई निकिता की मृत्यु और कौन है आरोपी?
अमेरिका के एलिसॉट सिटी की रहने वाली 27 वर्षीय निकिता 2 जनवरी को लापता हो गई थीं। हॉवर्ड काउंटी पुलिस ने बताया कि वह मैरीलैंड के कोलंबिया स्थित अपने पूर्व रूममेट अर्जुन शर्मा (26) के अपार्टमेंट में चाकू के घावों के साथ मृत पाई गईं।
अमेरिकी पुलिस ने शर्मा के खिलाफ प्रथम और द्वितीय श्रेणी की हत्या के आरोप में गिरफ्तारी वारंट प्राप्त किया, जिसमें आरोप लगाया गया था कि उसने निकिता की हत्या की और भारत भाग गया।
निकिता गोदिशाला के परिवार वालों ने अमेरिका के अधिकारियों से उनकी कथित हत्या के आरोपी के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय गिरफ्तारी वारंट जारी करने का आग्रह किया था ताकि उसे जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके। बता दें कि इंटरपोल की सहायता से पुलिस ने अर्जुन शर्मा को तमिलनाडु से गिरफ्तार कर लिया है।