ओडिशा में विपक्षी बीजद ने सीबीआई पर चार्जशीट मेंं महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाने का आरोप लगाया है। बीजद का कहना है कि राज्य में करोड़ों रुपये के सब-इंस्पेक्टर भर्ती घोटाले के संबंध में सीबीआई ने दायर चार्जशीट में महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाया है। इसके साथ ही उच्च स्तर पर जिम्मेदार लोगों की पहचान करने के लिए गहन जांच की मांग की है।
सीबीआई ने प्रारंभिक चार्जशीट में जानकारी छिपाई है- मोहंती
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, बीजेडी के प्रवक्ता लेनिन मोहंती ने दावा किया कि इस मामले में प्रभावशाली लोगों को बचाने का जानबूझकर प्रयास किया गया था। मंगलवार को मोहंती ने आरोप लगाया कि सीबीआई ने अपनी प्रारंभिक चार्जशीट मेंं जितना खुलासा किया है, उससे कहीं अधिक छिपाया है। शुरू से ही उनका मकसद शक्तिशाली व्यक्तियों को बचाना प्रतीत होता है।
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मोहंती ने कहा कि चार्जशीट में सिलिकॉन टेकला के मालिक को मुख्य आरोपी के रूप में नामित किया गया है, जबकि पंचसॉफ्ट टेक्नोलॉजी के मालिक और 14 अन्य लोगों को सहयोगी के रूप में सूचीबद्ध किया गया है। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि भर्ती प्रक्रिया गृह विभाग के अंतर्गत आने के बावजूद, चार्जशीट में ओडिशा पुलिस भर्ती बोर्ड (ओपीआरबी) या विभाग के किसी भी अधिकारी का नाम नहीं है।मोहंती ने कहा, “ओपीआरबी और गृह विभाग की विफलता ने इतने बड़े पैमाने पर घोटाले को संभव बनाया। संबंधित अधिकारियों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।” उन्होंने आगे कहा कि भर्ती प्रक्रिया को आउटसोर्स करने की अनुमति देने वालों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।