लोकसभा में बुधवार को उस समय दिलचस्प स्थिति पैदा हो गई जब उत्तर प्रदेश के भाजपा सदस्यों ने केंद्र सरकार के बदले सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव से जवाब तलब शुरू कर दिया। मजे की बात यह रही कि सपा प्रमुख ने भी इस पर एतराज जताने के बदले आराम से जवाब भी दिया। उन्होंने सदन में मंत्री की तरह सांसदों के सवाल का न केवल स्वागत किया, बल्कि सुझाव मांगने के साथ साथ पूरी मदद का आश्वासन भी दिया। हालांकि इस दौरान स्पीकर सुमित्रा महाजन बार बार दुहराती रहीं कि मुलायम सिंह जी सदन में ऐसा नहीं होता है।
शून्यकाल के दौरान बस्ती के भाजपा सांसद हरीशचंद्र उर्फ हरीश द्विवेदी ने सूबे में बढ़ती आगजनी और दमकल की कमी का मुद्दा उठाया। इस दौरान उन्होंने सदन में मुलायम से बात कर रहे सांसद धर्मेंद्र यादव को टोका और कहा कि उनका सवाल नेताजी से है, इसलिए उन्हें ध्यान से सवाल और समस्या सुनने दें। इसके बाद द्विवेदी ने कहा कि आगजनी के कारण भारी संख्या में घर, फसल और लोगों की संपत्ति तबाह हो रही है। आगजनी से निपटने के लिए जिलों में दमकल की गाड़ियां नहीं हैं।
द्विवेदी ने कहा कि जब उन्होंने जिलाधिकारी के समक्ष सांसद निधि से दमकल गाड़ियां खरीदे जाने का प्रस्ताव रखा तो उनका कहना था कि इसके लिए ड्राइवर और इसके रखरखाव की व्यवस्था कहां से होगी। इस मुद्दे पर उन्होंने सपा प्रमुख का जवाब मांगा और कहा कि उन्हें राज्य सरकार की ओर से जिलाधिकारियों को निर्देश देना चाहिए। इसके बाद भैरों प्रसाद मिश्र, चंद्रप्रकाश जोशी, शरद त्रिपाठी सहित दर्जनों भाजपा सांसदों ने सदन में मुलायम से जवाब देने की मांग की।
स्पीकर के मना करने के बावजूद मुलायम ने सरकार के मंत्री की तरह द्विवेदी के सवाल की प्रशंसा की। सांसदों को किसी भी तरह की मदद के लिए सपंर्क करने का सुझाव देते हुए उन्होंने कहा जहां भी सूखे और ओले से नुकसान हुआ है, उसकी लिखित जानकारी दीजिए। हम मदद करेंगे और नुकसान की भरपाई करेंगे।