फिल्म ‘पद्मावत’ से जौहर के दृश्य हटाने की मांग वाली याचिका सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को खारिज कर दी। शीर्ष अदालत ने याचिकाकर्ता स्वामी अग्निवेश से कहा कि वह राई का पहाड़ न बनाएं। कोर्ट के गंभीर माहौल में हल्के-फुल्के अंदाज में संवाद भी हुआ।
चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने कहा कि केंद्रीय फिल्म प्रमाणन विभाग (सीबीएफसी) ने फिल्म को हरी झंडी दे दी है। ऐसे में कोई अपराध नहीं बनता। अग्निवेश का कहना था कि फिल्म में जौहर का महिमामंडन किया गया है, लिहाजा इस दृश्य को फिल्म से हटा दिया जाना चाहिए।
शरद चंद्र के उपन्यास ‘देवदास’ का जिक्र करते हुए चीफ जस्टिस ने स्वामी अग्निवेश के वकील से कहा, ‘आप उपन्यास पढ़िये और इस पर बनी फिल्म देखिये। फिल्म में देवदास की भूमिका अदा करने वाले दिलीप कुमार अपने प्यार में असफल रहे और वह शराबी बन गए। लेखक ने शराबी होने को कभी सही नहीं ठहराया।’
चीफ जस्टिस ने वकील से कहा, फिल्म देवदास के कारण क्या कोई प्रेमी शराबी बना?’ इस पर वकील ने कहा, उनके कुछ मित्र शराबी बन गए। इस पर पीठ के सदस्य न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर ने हल्के अंदाज में कहा, ‘सर, आप गलत संगत में हैं।’