पूरी दुनिया में कोरोना संक्रमण के 30 लाख से ज्यादा केस सामने आ चुके हैं। दो लाख से ज्यादा लोग काल के गाल में समां गए। भारत में भी हालात चिंताजनक है। 31 हजार से ज्यादा मामलों में एक हजार लोग अब तक अपनी जान गंवा चुके हैं। दूसरे देशों की ही तरह भारत सरकार को संक्रमण रोकने का जो रास्ता सबसे बेहतर दिख रहा है वह है लॉकडाउन, लेकिन इसने जिंदगी और अर्थव्यवस्था का पहिया रोक दिया।
दरअसल, लंबे लॉकडाउन से अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंच रहा है, लेकिन अगर सब कुछ ठीक रहा, तो भारत अगले सोमवार यानी 3 मई से लॉकडाउन खोल सकता है। लोग काम पर लौट सकते हैं। भले ही स्कूल, कॉलेज, बार, सिनेमाघर फिलहाल न खुले, लेकिन उन दुकानों का ताला खुल सकता है, जो प्राथमिक सेवाओं के भीतर आते हो और भीड़ भी इकट्ठी नहीं होती। विशेषज्ञों की माने तो अगर इसी तरह हालात बने रहे तो अर्थव्यवस्था टूट सकती है।