सोशल मीडिया एप व्हाट्सएप ने बुधवार को सूचना व प्रौद्योगिकी (आईटी) मंत्रालय को आश्वस्त किया कि वह अपने प्लेटफार्म पर बाल यौन उत्पीड़न से जुड़ा कंटेंट उपलब्ध होने से जुड़ी रिपोर्ट को बेहद गंभीरता से ले रहा है। सूत्रों के मुताबिक, व्हाट्सएप ने साथ ही यह भी भरोसा दिलाया कि वह इस तरह के कंटेंट पर निगरानी रखते हुए तत्काल प्रभावी कार्रवाई करना जारी रखेगा। बता दें कि भारत में व्हाट्एसप के करीब 2 करोड़ उपयोगकर्ता हैं।
आईटी मंत्रालय ने पिछले सप्ताह फेसबुक के स्वामित्व वाली व्हाट्सएप को एक रिपोर्ट के आधार पर चेतावनी दी थी। साइबर पीस फांउडेशन की इस रिपोर्ट में दावा किया गया था कि व्हाट्सएप का उपयोग बाल यौन उत्पीड़न से जुड़ा कंटेंट शेयर करने में किया जा रहा है। रिपोर्ट में इस सोशल मीडिया एप पर भारत में बाल यौन उत्पीड़न से जुड़े वीडियो बनाने और उन्हें वायरल करने वाले चैट ग्रुप लगातार सक्रिय होने का आरोप लगाया गया था। आईटी मंत्रालय ने व्हाट्सएप प्रबंधन को तत्काल अपने प्लेटफार्म के इस दुरुपयोग को रोकने का आदेश दिया था।
इस पूरे मामले से जुड़े मंत्रालय सूत्रों के मुताबिक, व्हाट्सएप प्रबंधन ने बुधवार को आईटी मंत्रालय को आश्वस्त किया कि वह बाल यौन उत्पीड़न जैसे गंभीर मुद्दे को लेकर लगातार सतर्कता बरतेगा। साथ ही व्हाट्सएप ने मंत्रालय की तरफ से इसे लेकर आयोजित किए जाने वाले किसी भी प्रकार के जनजागरूकता अभियान का भी हिस्सा बनने की इच्छा जताई है।
2.5 लाख अकाउंट हर महीने कर रहे हैं ब्लॉक
व्हाट्सएप ने मंत्रालय से कहा है कि वह बाल उत्पीड़न से जुड़े कंटेंट पर अंकुश लगाने के लिए आर्टिफिशियल टेकभनोलॉजी समेत सभी तरह की एडवांस तकनीकों का इस्तेमाल कर रहा है। व्हाट्सएप ने बाल यौन उत्पीड़न के प्रति अपनी ‘जीरो टॉलरेंस पॉलिसी’ होने का दावा करते हुए कहा कि वह अपने प्लेटफार्म पर हर महीने वैश्विक स्तर पर करीब 2.5 लाख अकाउंट ऐसे कंटेंट के कारण ब्लॉक कर रहा है।