अध्ययनकर्ता डेव वॉकर ने पाया कि लीक हुए निजी डाटा में जुकरबर्ग की जानकारियां भी सार्वजनिक हो गई हैं। इसमें उनका फोन नंबर, पता, लोकेशन, जन्मतिथि, शादी की जानकारी, फेसबुक आईडी आदि शामिल हैं। डेव ने जुकरबर्ग का फोन नंबर अपने फोन के कॉन्टेक्ट्स में सेव किया और सिग्नल एप पर जुकरबर्ग को तलाशा। वे नजर आ गए।
डेव के अनुसार ऐसा लगता है कि जुकरबर्ग भी अपनी निजता सुरक्षित रखना चाहते हैं। इसीलिए सबसे बड़े प्रतिद्वंदी सिग्नल एप का उपयोग कर रहे हैं। उन्हाेंने सोशल मीडिया पर इसके स्क्रीनशॉट भी पोस्ट किए।
नई नीति के बाद परेशानी में व्हाट्सएप
व्हाट्सएप की नई निजता नीति से बड़ी संख्या में यूजर्स नाराज हैं और ऐसे समय में जब व्हाट्सएप को सिग्नल व टेलिग्राम जैसे मैसेंजर एप चुनौती दे रहे हैं, जुकरबर्ग का सिग्नल का उपयोग उनकी कंपनी को नुकसान कर सकता है। उनकी कंपनी निजता हनन के लिए सिग्नल व टेलिग्राम की आलोचना करती रही है।