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'किस बात का डर?': राहुल के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम की नहीं मिली इजाजत, प्रियंका ने केंद्र पर साधा निशाना

Thu, 06 Aug 2026 01:57 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला नई दिल्ली।

सार

प्रयागराज में 8 अगस्त को होने वाले राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम की अनुमति नही मिली है। इस पर प्रियंका गांधी ने सवाल उठाते हुए कहा कि समझ नहीं आ रहा कि प्रशासन इस कार्यक्रम से आखिर किस बात से डर रहा है।
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प्रियंका गांधी वाड्रा, कांग्रेस सांसद - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने गुरुवार को प्रयागराज में 'छत्रों की गूंज' कार्यक्रम के लिए स्थल की अनुमति नहीं मिलने  की आलोचना की। उन्होंने कहा कि उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि प्रशासन इस कार्यक्रम से किस बात से डर रहा है।

क्या है पूरा मामला? 

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इससे पहले, कायस्थ पाठशाला ट्रस्ट ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के 'छत्रों की गूंज' कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी, जो 8 अगस्त को प्रयागराज के केपी ग्राउंड में आयोजित होने वाला था। केपी कॉलेज प्रबंधन ने शैक्षणिक चिंताओं और इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश का हवाला देते हुए अपने खेल मैदान के उपयोग के लिए पहले दी गई अनुमति को रद्द कर दिया।

अनुमति क्यों नहीं मिली?
प्रयागराज नगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष को संबोधित एक पत्र में, कायस्थ पाठशाला के कार्यवाहक अध्यक्ष चौधरी जितेंद्र नाथ सिंह ने कहा कि यह निर्णय कॉलेज के प्रधानाध्यापक से मिली जानकारी के बाद और इलाहाबाद उच्च न्यायालय के 14 अगस्त, 2025 के आदेश के मद्देनजर लिया गया है, जिसमें इस बात पर जोर दिया गया है कि छात्रों की शैक्षणिक गतिविधियों में कोई बाधा नहीं आनी चाहिए।

प्रबंधन ने कहा कि अगर कार्यक्रम निर्धारित तिथि पर आयोजित किया जाता है तो दो स्कूलों के छात्र प्रभावित होंगे। उन्होंने यह चिंता भी व्यक्त की कि बारिश से बाहरी खेल मैदान को नुकसान पहुंच सकता है, जिससे मरम्मत मुश्किल और समय लेने वाली हो जाएगी।

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पत्र में क्या लिखा है? 
पत्र में कहा गया,'इसलिए, कार्यक्रम की तिथि इस प्रकार निर्धारित की जानी चाहिए जिससे विद्यालय की गतिविधियों में कोई बाधा न आए। उच्च न्यायालय के निर्णय और वर्तमान परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए, कृपया अपने कार्यक्रम को बरसात के मौसम के बाद, छुट्टियों के दौरान किसी तिथि पर आयोजित करें।'

पवन खेड़ा ने क्या कहा? 
पत्रकारों से बात करते हुए कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा, 'वे राहुल गांधी से डरते हैं। आप खुद देख लीजिए। वे संसद के अंदर भी उनसे डरते हैं और बाहर भी। उन्हें डरने दीजिए; हम उन्हें डराते रहेंगे। वे राहुल गांधी से डरते हैं। वे संसद में राहुल गांधी का सामना भी नहीं करते, और जब भी राहुल गांधी छात्रों की आवाज बुलंद करने जाते हैं, वे हर बार बाधा डालने की कोशिश करते हैं। उन्हें ऐसा करने दीजिए यही छात्रों की ताकत है। यही राहुल गांधी की ताकत है। यही विपक्ष की ताकत है। उनका डर इसके आगे नहीं टिकेगा। हम अपना काम जारी रखेंगे, और यह कार्यक्रम जरूर होगा। हम वहां [प्रयागराज] भी जाएंगे।

सांसद संजय राउत ने क्या कहा? 

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इस पर शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने कहा, 'इसे ही इमरजेंसी, तानाशाही और डिक्टेटरशिप कहते हैं। आप विपक्ष के नेता राहुल गांधी से डरे हुए हैं। आप बहुत डरे हुए हैं। इसी डर की वजह से गृह मंत्री और प्रधानमंत्री भी नहीं आ रहे हैं।'

 

 

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