विधानसभा चुनावों में करारी हार के बाद से बसपा सुप्रीमो मायावती और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविन्द केजरीवाल ईवीएम के साथ छेड़छाड़ के आरोप लगा रहे हैं। मायावती जहां इस मुद्दे पर चुनाव आयोग की चौखट पर पहुंच गईं। वहीं, अरविंद केजरीवाल ने पंजाब में 25 प्रतिशत वोट ट्रांसफर होने की बात कहते हुए दिल्ली एमसीडी चुनाव में बैलेट पेपर के उपयोग की मांग कर डाली। इस दौरान उन्होंने VVPAT का बार बार जिक्र किया और कहा- हालिया चुनाव में जिन जगहों पर VVPAT मशीन का इस्तेमाल किया गया वहां मशीन से निकलने वाली पर्ची का ईवीएम के आंकड़े से मिलान किया जाए। अगर इन दोनों मशीनों के आंकड़े मिल जाते हैं तो चुनाव आयोग पर लोगों का विश्वास बढ़ जाएगा।
मणिपुर और गोवा के सभी विधानसभा क्षेत्रों के साथ उत्तर प्रदेश की 30 सीटों पर चुनाव आयोग ने वीवीपीएटी यानी वोटर वेरीफाइड पेपर ऑडिट ट्रेल (VVPAT) मशीन का इस्तेमाल किया। आइए जानते हैं कि क्या है वीवीपीएटी मशीन, यह कैसे काम करती है और केजरीवाल इस मशीन के संबंध में चुनाव आयोग से किस तरह की मांग कर रहे हैं।