देश के हृदयस्थल मध्यप्रदेश में एक जून से किसान आंदोलन कर रहे हैं। यह आंदोलन मंगलवार को उग्र हुआ तो सीआरपीएफ की फायरिंग में आकर छह किसानों की मौत हो गई। अब सरकार मुआवजे का मरहम लगाकर जख्मों को ढकने की कोशिश कर रही है। दूसरी ओर कुछ ऐसे ही हालात महाराष्ट्र के भी बने हुए हैं।
हालांकि बड़ा बवाल मचने से पहले ही महाराष्ट्र सरकार ने किसानों की मांगों को मानकर विवाद को टाल दिया। लेकिन बड़ा सवाल ये है कि अचानक देशभर के किसान इतना उग्र क्यों हुए? किसानों की ऐसी क्या मजबूरी हुई कि उन्हें अपना हक पाने के लिए लाठी गोली खाने को मजबूर होना पड़ गया?
खासकर भाजपा शासित राज्यों में किसान सीधे-सीधे सरकार से टकराव के मूड़ में क्यों हैं? जानकारों की मानें तो इसके पीछे कई कारण नजर आ रहे हैं? आइए डालते हैं उन कारणों पर एक निगाह-