खाड़ी का मुल्क कतर रूसी हैकरों का शिकार होकर चार मुस्लिम देशों की दुश्मनी मोल ले बैठा। अमेरिकी न्यूज चैनल CNN की एक रिपोर्ट के अनुसार FBI के सूत्रों ने बताया कि रूस के हैकरों ने कतर की कुछ सरकारी वेबसाइट को हैक करके उस पर कुछ फर्जी खबरें प्लांट की, इन्हीं खबरों के आधार पर सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों ने कतर पर आतंकी संगठनों की मदद करने और ईरान का साथ देने का आरोप लगाया। इसके साथ ही चारों मुस्लिम देशों ने कतर से अपने व्यवसायिक संबंध तोड़ते हुए समुंद्री और हवाई यातायात रोक दिया।
असल में कतर की स्वतंत्र नीति शुरू से ही सऊदी अरब और यूएई जैसे संपन्न देशों को चुभती रही है। खाड़ी देशों में सबसे देर में आजादी पाने वाले कतर ने बहुत जल्द खुद को अपने पैरों पर खड़ा कर विकसित देशों से कदमताल शुरू कर दिया है। यही बात उसके पडोसी खाड़ी मुल्कों को परेशान करती है।
इसके अलावा कतर के पास समृद्ध तेल और गैस भंडार भी उसकी संपन्नता में इजाफा करते हैं जिसे सऊदी और यूएई जैसे देश बर्दाश्त नहीं करते। इसके अलावा इन देशों को ईरान से कतर की दोस्ती भी रास नहीं आती, क्योंकि दोनों देश भौगोलिक स्थिति के कारण एक दूसरे के बड़े साझीदार हैं।
जानकारी के मुताबिक कतर और ईरान के बीच समुंद्र के नीचे दुनिया का सबसे बड़ा गैस भंडार है जिसकी बदौलत दोनों देश लंबे समय तक दुनिया में अपनी मजबूत स्थिति बनाए रख सकते हैं।