पीएम मोदी और अरविंद केजरीवाल
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिग्री पर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने एक बार फिर से पीएम मोदी की डिग्री को लेकर गुजरात हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। कोर्ट ने केजरीवाल की याचिका स्वीकार कर ली है और 30 जून को सुनवाई करने का फैसला लिया है।
इसके पहले भी डिग्री विवाद में केजरीवाल हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटा चुके हैं। तब हाईकोर्ट ने केजरीवाल पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया था। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर बार-बार पीएम मोदी की डिग्री पर विवाद क्यों खड़ा कर रहे हैं केजरीवाल? इसके सियासी मायने क्या है? पीएम की डिग्री पर विवाद क्या है? आइए जानते हैं...
पहले जानिए क्या है पूरा मामला
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अप्रैल 2016 में केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) को एक पत्र लिखकर पीएम मोदी की शैक्षिक योग्यता से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की थी। उन्होंने पत्र में लिखा कि इस मुद्दे पर किसी भी तरह के भ्रम को दूर करने के लिए डिग्री को सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
इसके बाद मुख्य सूचना आयुक्त ने गुजरात यूनिवर्सिटी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एमए डिग्री के बारे में केजरीवाल को जानकारी मुहैया कराने को कहा था। सूचना आयोग के इस आदेश को विश्वविद्यालय प्रशासन ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने बीते 31 मार्च के अपने फैसले में सूचना आयोग के आदेश को रद्द करते हुए अरविंद केजरीवाल पर 25 हजार रुपए का जुर्माना लगा दिया था।
कोर्ट में विश्वविद्यालय की ओर से सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता पेश हुए थे। उन्होंने कोर्ट में कहा था कि केवल इसलिए कि कोई सार्वजनिक पद पर है, उसकी निजी जानकारी नहीं मांगी जानी चाहिए। लोकतंत्र में इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि पद पर आसीन व्यक्ति डॉक्टर है या अनपढ़।
पीएम मोदी की डिग्री पहले से पब्लिक डोमेन में है, लेकिन डिग्री के लिए किसी तीसरे व्यक्ति को खुलासा करने के लिए RTI के तहत जानकारी देने की कोई बाध्यता नहीं है। विश्वविद्यालय को डिग्रियों का खुलासा करने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता है, खासकर तब जब यह कोई जनहित का मामला न हो।
खास बात है कि केजरीवाल की याचिका पर पिछली बार गुजरात हाईकोर्ट के जस्टिस बीरेन वैष्णव की सिंगल जज बेंच ने फैसला सुनाया था। इस बार भी ये मामला बीरेन वैष्णव की बेंच के पास ही गया है।