कर्नाटक की बिदादी टाउनशिप परियोजना विवादों में फंस गई है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार इस परियोजना को राज्य के शहरी विकास के लिए बेहद महत्वकांक्षी परियोजना बता रहे हैं, जबकि विपक्ष किसानों की जमीन के अधिग्रहण के मुद्दे पर इसका विरोध कर रहा है। सरकार का मानना है कि इस परियोजना से बंगलूरू की ट्रैफिक की समस्या दूर हो सकती है।
क्या है बिदादी टाउनशिप परियोजना?
बंगलूरू से करीब 30-40 किलोमीटर दूर रामनगर जिले में नौ गांवों की लगभग 7,481 से 9,640 एकड़ जमीन पर बिदादी टाउनशिप परियोजना विकसित की जा रही है। दावा किया जा रहा है कि यह एआई संचालित देश का पहला शहरी केंद्र होगा। इस परियोजना में 20 हजार करोड़ से ज्यादा के निवेश का दावा किया जा रहा है और लाखों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की बात कही जा रही है।
इस परियोजना में 1800 एकड़ में आवासीय लेआउट रहेगा और साथ ही कमर्शियल और औद्योगिक क्लस्टर भी रखे गए हैं। 2000 एकड़ से अधिक भूमि पर एआई और नवाचार के लिए संबंधी प्रोजेक्ट लगाए जाएंगे। परियोजना में 950 एकड़ जगह हरित क्षेत्र के लिए रखी गई है और बायरामंगला झील के पुनरुद्धार की भी योजना है। बिदादी परियोजना में कनेक्टिविटी के लिए सड़क, रेल और मेट्रो का भी नेटवर्क प्रस्तावित है। इस परियोजना को पूरा करने लिए चरणबद्ध तरीके से तीन साल का समय रखा गया है।
इस परियोजना से बंगलूरू में जाम की समस्या से भी राहत मिल सकती है। बंगलूरू में बढ़ती आबादी से बुनियादी ढांचे पर दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में बिदादी परियोजना से शहर के विकेंद्रीकरण पर फोकस किया जाएगा, जिससे बंगलूरू पर दबाव कम हो और वहां जाम की समस्या से राहत मिले।
कुमारस्वामी ने सीएम शिवकुमार को दी बहस की चुनौती
- इस प्रोजेक्ट को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है और कर्नाटक सरकार को इसे लेकर भारी विरोध का सामना करना पड़ रहा है। जेडीएस पार्टी द्वारा इस परियोजना का भारी विरोध किया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री और जेडीएस प्रमुख एचडी कुमारस्वामी ने तो सीएम डीके शिवकुमार को बिदादी टाउनशिप प्रोजेक्ट पर सार्वजनिक बहस की चुनौती भी दे डाली है।
- इस पर सीएम शिवकुमार ने कुमारस्वामी को विधान सौधा स्थित अपने कार्यालय में औपचारिक चर्चा के लिए आमंत्रित किया है। शिवकुमार ने सोमवार को कुमारस्वामी को पत्र लिखकर इस प्रोजेक्ट पर विस्तार से चर्चा करने का न्योता दिया।
- केंद्रीय मंत्री को लिखे पत्र में शिवकुमार ने कहा, 'मैं आपके कार्यकाल में शुरू हुए बिदादी टाउनशिप प्रोजेक्ट पर आपसे चर्चा करने के लिए उत्सुक हूं। मैं आपको और आपकी टीम के पांच सदस्यों को 26 जून को सुबह 11 बजे विधान सौधा स्थित अपने कार्यालय में विस्तार से चर्चा के लिए आमंत्रित करता हूं।'
किसान, प्रोजेक्ट का विरोध कर रहे
इससे पहले, भारी उद्योग और इस्पात मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने दावा किया था कि किसान इस प्रोजेक्ट का विरोध कर रहे हैं। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कुमारस्वामी ने कहा कि शिवकुमार को इस बात पर सार्वजनिक बहस के लिए आना चाहिए कि क्या किसान इस प्रोजेक्ट से सहमत हैं। उन्होंने कहा कि जब भी शिवकुमार तैयार हों, वे उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि भले ही उपमुख्यमंत्री आधी रात तक व्यस्त रहते हों, लेकिन उन्होंने खुद उनसे इस मुद्दे के लिए कुछ समय निकालने को कहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि महिलाएं और वरिष्ठ नागरिक पिछले 450 दिनों से धरना दे रहे हैं और सुझाव दिया कि वे वहां भी जा सकते हैं।
कुमारस्वामी का आरोप- प्रोजेक्ट से सीएम शिवकुमार की जेब भरने के अलावा कुछ हासिल नहीं होगा
यह आरोप लगाते हुए कि इस प्रोजेक्ट से जनता को कोई फायदा नहीं होगा, कुमारस्वामी ने दावा किया कि इससे शिवकुमार की जेब भरने के अलावा कुछ हासिल नहीं होगा। उन्होंने प्रोजेक्ट के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की भी घोषणा की। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे के सभी पहलुओं की जांच के लिए एक कानूनी टीम बनाई गई है और अगले दो-तीन दिनों में वे सभी संबंधित दस्तावेजों के साथ अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे। उन्होंने माना कि टाउनशिप का प्रस्ताव उनके मुख्यमंत्री रहते हुए ही आया था, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि यह शुरुआती चरण से आगे कभी नहीं बढ़ पाया।