फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स

J&K: क्या है 'शाह' का 'जीरो टेरर प्लान', आतंकवाद के इकोसिस्टम पर प्रहार से उखड़ने लगी दहशतगर्दों की सांस

जितेंद्र भारद्वाज
Updated Fri, 08 Dec 2023 01:26 PM IST

सार

केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने कहा, 9 वर्षों में नागरिकों की मृत्यु की संख्या में 72 प्रतिशत और सुरक्षाबलों की मृत्यु की संख्या में 59 प्रतिशत की कमी आई है। साल 2010 में जम्मू और कश्मीर में 2,654 पथराव की घटनाएं हुई थीं, जबकि 2023 में पथराव की एक भी घटना नहीं हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Jammu Kashmir - फोटो : Amar Ujala


आतंकी घटनाओं में 70 फीसदी की कमी

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने बुधवार को लोकसभा में जम्मू और कश्मीर आरक्षण (संशोधन) विधेयक 2023 व जम्मू कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2023 पर चर्चा का जवाब देते हुए यह बात कही है। आतंकवाद के मूल में धारा 370 के कारण खड़ी हुई अलगाववाद की भावना थी। अब धारा 370 खत्म हो चुकी है तो अलगाववाद में भी बहुत बड़ी कमी आ रही है। आतंकी घटनाओं में भी कमी आने लगी है। 1994 से 2004 के बीच कुल 40,164 आतंकवाद की घटनाएं हुईं थी। 2004 से 2014 के बीच इन घटनाओं की संख्या 7,217 रही है। गत वर्षों में इन घटनाओं में 70 प्रतिशत की कमी दर्ज हुई है। अब ऐसी घटनाएं 2,197 रह गई हैं। इन घटनाओं में से 65 प्रतिशत, पुलिस कार्रवाई के कारण घटित हुई थी। 


2023 में एक भी पथराव की घटना नहीं

केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने कहा, 9 वर्षों में नागरिकों की मृत्यु की संख्या में 72 प्रतिशत और सुरक्षाबलों की मृत्यु की संख्या में 59 प्रतिशत की कमी आई है। साल 2010 में जम्मू और कश्मीर में 2,654 पथराव की घटनाएं हुई थीं, जबकि 2023 में पथराव की एक भी घटना नहीं हुई है। 2010 में 132 ऑर्गेनाइज़्ड हड़तालें हुई थीं, जबकि 2023 में एक भी नहीं हुई। 2010 में पथराव में 112 नागरिकों की मत्यु हुई थी, जबकि 2023 में एक भी नहीं हुई। 2010 में पथराव में 6,235 सुरक्षा कर्मी घायल हुए थे, 2023 में एक भी नहीं हुआ। केंद्र सरकार ने जम्मू कश्मीर में इस प्रकार की व्यवस्था की है कि वहां पर अब एक कंकड़ फेंकने की भी हिम्मत नहीं हो रही। साल 2010 में सीजफायर उल्लंघन की 70 मामले सामने आए थे। 2023 में सिर्फ 2 घटनाएं हुई हैं। 2010 में घुसपैठ की 489 घटनाएं हुई थीं। 2023 में सिर्फ 48 घटनाएं हुई हैं।  


अब इकोसिस्टम को खत्म करने पर जोर

शाह के मुताबिक, जम्मू कश्मीर में जीरो टेरर प्लान बनाया गया है। इस पर पिछले तीन वर्षों से अमल हो रहा है। 2026 तक यह जीरो टेरर प्लान पूरी तरह से अमल में आ जाएगा। इसके साथ ही कम्प्लीट एरिया डॉमिनेशन प्लान बनाया गया है। पहले सिर्फ आतंकवादियों को मारा जाता था। अब इसके पूरे इकोसिस्टम को खत्म किया जा रहा है। टेरर फाइनेंस के तहत एनआईए ने 32 मामले दर्ज किए हैं। ये मामले इसलिए दर्ज हुए हैं, क्योंकि आतंकियों की मदद के लिए पाकिस्तान से पैसा आ रहा था। अब इस फंडिंग पर रोक लगाई गई है। एनआईए द्वारा दर्ज किए गए 32 और एसआईए द्वारा दर्ज 51 मामलों को मिलाकर टेरर फंडिंग के कुल 83 केस दर्ज किए गए हैं। इस तरह के मामलों में 229 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अभी तक 150 करोड़ रूपए मूल्य की 57 संपत्तियों को ज़ब्त कर उन्हें नीलाम करने के लिए अदालत में प्रक्रिया जारी है। 134 बैंक खाते सील किए गए हैं। यहां से 122 करोड़ रूपए जब्त किए गए हैं। 5.5 करोड़ रूपए नकद जब्त हुए हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next