असम के मशहूर गायक जुबीन गर्ग की मौत के मामले में आरोपी और निलंबित डीएसपी संदीपोन गर्ग को सोमवार को बक्सा जिला जेल से रिहा कर दिया गया। गुवाहाटी हाई कोर्ट ने 16 अक्टूबर को उन्हें जमानत दी थी। करीब एक साल हिरासत में रहने के बाद उनकी रिहाई हुई है। संदीपोन, जुबीन गर्ग के चचेरे भाई भी हैं। जेल से बाहर आने के बाद संदीपोन गर्ग ने कहा कि लोगों को यह जानने का हक है कि 19 सितंबर को सिंगापुर में आखिर क्या हुआ था। उन्होंने कहा, 'सिर्फ सच ही मेरे भाई जुबीन गर्ग की आत्मा को मुक्ति दिला सकता है।' संदीपोन ने उम्मीद जताई कि मुकदमे की सुनवाई के दौरान गायक की मौत से जुड़ी पूरी सच्चाई सामने आएगी। उन्होंने कहा कि सच की हमेशा जीत होती है और अदालत ही तय करेगी कि असलियत क्या है।
सिंगापुर में समुद्र में डूबने से हुई थी जुबीन की मौत
जुबीन गर्ग की 19 सितंबर को सिंगापुर में समुद्र में तैरते समय संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। वह वहां नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल (NEIF) के चौथे संस्करण में हिस्सा लेने गए थे। उनकी मौत के बाद असम में कई जगह विरोध और जांच की मांग उठी थी।
अमृतप्रभा महंता को भी मिल चुकी है जमानत
इस मामले में आरोपी अमृतप्रभा महंता को भी गुवाहाटी हाई कोर्ट ने 9 अक्टूबर को जमानत दे दी थी। उन्हें दिमा हसाओ जिले की हाफलोंग उप-जेल से 50 हजार रुपये के बॉन्ड और इतनी ही रकम की दो जमानतें देने के बाद रिहा किया गया था।
जुबीन के दोनों सुरक्षा कर्मी अब भी जेल में
गायक के निजी सुरक्षा अधिकारी नन्देश्वर बोराह और परेश बैश्य को 23 सितंबर को आय से अधिक संपत्ति के मामले में एक विशेष अदालत से जमानत मिल गई थी। हालांकि, जुबीन की मौत से जुड़े मामले में दोनों अभी भी हिरासत में हैं।
जमानत के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी सरकार
असम पुलिस के विशेष महानिदेशक मुन्ना प्रसाद गुप्ता ने रविवार को बताया कि राज्य सरकार दो आरोपियों को जमानत दिए जाने के हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएगी। उन्होंने कहा कि अदालत की छुट्टियां खत्म होने और सुप्रीम कोर्ट के दोबारा खुलने पर विशेष अनुमति याचिका (SLP) दायर की जाएगी।
मामले में ये लोग भी हैं आरोपी
जुबीन गर्ग की मौत के मामले में गिरफ्तार किए गए अन्य लोगों में नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल के मुख्य आयोजक श्यामकानु महंत, गायक के मैनेजर सिद्धार्थ शर्मा और बैंड के सदस्य शेखर ज्योति गोस्वामी शामिल हैं। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की अलग-अलग धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। इनमें हत्या, गैर-इरादतन हत्या, आपराधिक साजिश और लापरवाही के कारण मौत होने जैसे आरोप शामिल हैं।
असम पुलिस की SIT ने की जांच
इस मामले को लेकर असम में 60 से ज्यादा एफआईआर दर्ज की गई थीं। इसके बाद असम पुलिस के आपराधिक जांच विभाग ने विशेष जांच टीम बनाकर मामले की जांच की। पुलिस यह पता लगाने में जुटी कि गायक की मौत किन परिस्थितियों में हुई और इसके लिए कोई जिम्मेदार था या नहीं।
सिंगापुर की जांच में नहीं मिला गड़बड़ी का सबूत
जुबीन की मौत की जांच सिंगापुर पुलिस ने भी की थी। उसकी जांच में किसी साजिश या जानबूझकर की गई गड़बड़ी का सबूत नहीं मिला। सिंगापुर की कोरोनर कोर्ट ने भी गड़बड़ी की आशंका को खारिज किया। कोर्ट के मुताबिक, जुबीन ने काफी ज्यादा शराब पी रखी थी। उन्होंने लाइफ जैकेट पहनने से भी मना कर दिया था और इसके बाद लाजरस द्वीप के पास समुद्र में डूबने से उनकी मौत हो गई।
ये भी पढ़ें:
टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: 16 घंटे में किया 954 किमी का सफर, रास्ता न समझ पाने के फेर में फंसे तीनों आरोपी
असम में जारी जांच पर क्या होगा असर?
असम के अधिकारियों का कहना है कि सिंगापुर में हुई जांच के नतीजों का राज्य में चल रहे आपराधिक मामले पर कोई असर नहीं पड़ेगा। ऐसे में अब सबकी नजरें अदालत में होने वाली सुनवाई और जांच के अगले चरण पर टिकी हैं।