अब निर्भया के चारों दोषी अपने अंत की ओर बढ़ रहे हैं।चंद घंटे बाद उन्हें फांसी लग जाएगी। 19 मार्च की रात को चारों दोषियों की हालत देख कर लगा कि जैसे वे अपने सामने मौत को साक्षात देख रहे हैं।
तिहाड़ में उन्हें बहुत कुछ बदला सा नजर आया। जिस सेल में उन्हें रखा जा रहा है, वहां आज अतिरिक्त लाइट की व्यवस्था की गई। छह-सात गार्ड उनके सेल के बाहर तैनात कर दिए गए हैं।वे सारी रात इन चारों पर नजर रखेंगे।
वीरवार को उनके जीवन की आखिरी रात और आखिरी थाली सामने थी।उन्होंने खाना तो खाया, मगर बहुत कम। मुकेश और विनय ने थाली की ओर देखा, लेकिन उसे छूने की हिम्मत नहीं कर पा रहे थे। उन्होंने थाली को दूसरी तरफ सरका दिया।
जेल के भरोसेमंद सूत्रों के अनुसार, चारों दोषियों को जेल मैनुअल के मुताबिक रात का खाना दिया गया।एक सब्ज़ी, एक दाल और छह चपाती उनके सामने रखी थी।उनकी हिम्मत नहीं हो रही थी कि वे थाली की तरफ हाथ बढ़ायें। मुकेश और विनय ने पहले तो खाना लेने से मना कर दिया था।
उसके बाद जेल कर्मी के आग्रह पर उन्होंने थाली पकड़ ली।इसके बाद थाली को दीवार की ओर खिसका दिया।करीब एक घंटे बाद उन्होंने थोड़ा बहुत खाना खाया। दूसरी तरफ अक्षय और पवन ने आराम से थाली पकड़ ली। उन्होंने भी काफी देर तक कुछ नहीं खाया, लेकिन बाद में वे रोटी और दाल खाकर दीवार के साथ कमर लगा कर बैठ गए।उन्हें बता दिया गया कि कुछ घंटे बाद वे जेल नंबर तीन में शिफ्ट किए जाएंगे।
जल्लाद पवन कुमार ने जेलर की मौजूदगी में चारों दोषियों के काले कपड़े और चेहरे का नकाब तीन नंबर जेल में रख दिया है।चारों को ये भी बता दिया गया है कि सुबह सवा तीन बजे उन्हें जगा दिया जाएगा। चार बजे नहाना है और उसके बाद काले कपड़े पहन कर उन्हें फांसी घर में ले जाया जाएगा। चारों को सुबह की चाय भी मिलेगी।अगर वे कहेंगे तो कुछ खाने को भी दिया जा सकता है।