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MEA: दक्षिण पूर्व एशिया के साइबर अपराध केंद्रों से रिहा भारतीयों पर सरकार ने क्या कहा, बताया अब तक कितने लौटे?

Wed, 12 Mar 2025 12:00 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

विभिन्न तरह के लालच देकर हजारों लोगों को म्यांमार में काम के लिए लाया जाता है, जहां उन्हें विभिन्न तरह की धोखाधड़ी के काम में लगा दिया जाता है। कई लोगों को गलत दावे कर म्यांमार लाया जाता है और यहां उनका शोषण किया जाता है। 2023 की यूएन रिपर्ट के अनुसार, अपराधी गिरोह ऑनलाइन फर्जीवाड़े के जरिये हर साल अरबों डॉलर की कमाई करता है।
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भारतीयों की रिहाई - फोटो : ANI
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विस्तार
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दक्षिण पूर्व एशिया के साइबर अपराध केंद्रों से रिहा भारतीयों की वतन वापसी जारी है। इसे लेकर विदेश मंत्रालय ने बयान भी जारी किया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने ट्वीट किया, 'भारत सरकार ने कल भारतीय वायुसेना के विमान से 266 भारतीयों की सुरक्षित वापसी की व्यवस्था की। इन लोगों को दक्षिण पूर्व एशिया के साइबर अपराध केंद्रों से रिहा कराया गया है। इससे पहले सोमवार को 283 भारतीयों को भी इसी तरह वापस लाया गया था। भारतीय दूतावासों ने म्यांमार और थाईलैंड सरकारों के साथ मिलकर उनकी रिहाई सुनिश्चित करने और उनके स्वदेश वापसी में सहायता करने के लिए काम किया।'

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इससे पहले मंत्रालय ने बताया था कि फर्जी नौकरी के प्रस्ताव पर भेजे गए भारतीयों को वहां पहुंचने के बाद म्यांमार-थाईलैंड सीमा से लगे क्षेत्रों में संचालित घोटाला केंद्रों में साइबर अपराध और अन्य धोखाधड़ी गतिविधियों में शामिल होने के लिए मजबूर किया गया। सरकार इस तरह के रैकेट के बारे में समय-समय पर परामर्श और सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से चेतावनी जारी करती रहती है। भारतीय नागरिकों को एक बार फिर सलाह दी जाती है कि वे किसी नौकरी की पेशकश स्वीकार करने से पहले विदेश स्थित मिशनों के माध्यम से विदेशी नियोक्ताओं की साख और भर्ती करने वाले एजेंटों और कंपनियों के पिछले रिकॉर्ड की जांच कर लें।

फर्जीवाड़े से हर साल अरबों डॉलर की कमाई
बता दें कि विभिन्न तरह के लालच देकर हजारों लोगों को म्यांमार में काम के लिए लाया जाता है, जहां उन्हें विभिन्न तरह की धोखाधड़ी के काम में लगा दिया जाता है। कई लोगों को गलत दावे कर म्यांमार लाया जाता है और यहां उनका शोषण किया जाता है। 2023 की यूएन रिपर्ट के अनुसार, अपराधी गिरोह ऑनलाइन फर्जीवाड़े के जरिये हर साल अरबों डॉलर की कमाई करता है।
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दक्षिण एशिया में चल रहा व्यापक अभियान
दक्षिण एशिया के देशों ने स्कैम सेंटरों के खिलाफ व्यापक अभियान चला रखा है। इन दिनों थाइलैंड-म्यांमार सीमा पर बड़ा अभियान चलाया गया था। थाइलैंड सरकार ने उन क्षेत्रों की बिजली, ईंधन व जल आपूर्ति रोक दी थी, जहां स्कैम सेंटरों के होने की आशंका थी।

नौकरी का झांसा दे चीनी नागरिक ने शुरू किए स्कैम सेंटर
थाइलैंड व कंबोडिया के सीमावर्ती शहरों में स्कैम सेंटर कई वर्षों से संचालित किए जा रहे थे। थाइलैंड में स्कैम सेंटरों की शुरुआत चीनी नागरिक वांग जिंग ने की थी। उसने थाइलैंड के लोगों को नौकरी देने का वादा किया था। इस बीच उसका अपहरण हो गया और उसे म्यांमार स्थित एक स्कैम सेंटर ले जाया गया। इसके बाद से स्कैम सेंटरों की जांच की जा रही है।

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