किसानों की प्रखर आवाज बनकर उभरे जाट नेता सत्यपाल मलिक का मंगलवार को दिल्ली के राममनोहर लोहिया अस्पताल में दोपहर 1:12 मिनट पर निधन हो गया। उनके निधन से पूरे देश के साथ-साथ पश्चिमी यूपी में शोक की लहर दौड़ गई। जाट समुदाय के प्रभावशाली नेता के निधन से जाट राजनीति को भी झटका लगा है। पीएम मोदी ने उनके निधन पर दुख जताया है। पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा कि सत्यपाल मलिक के निधन से दुखी हूं। इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और समर्थकों के साथ हैं। ॐ शांति।
इसके अलावा उनके साथ राजनीति करने वाले उनके सहयोगी नेताओं ने सत्यपाल मलिक के निधन पर गहरा दुख प्रकट किया है। जद(यू) नेता केसी त्यागी ने अमर उजाला से कहा कि सत्यपाल मलिक उनके लंबे समय से साथी थे। छात्र आंदोलन से लेकर आपातकाल के आंदोलन के समय तक वे साथ-साथ जेल गए। कोई हफ्ता ऐसा नहीं बीतता नहीं था जब उनसे उनकी कोई बात नहीं होती थी। जब 1974 में लोक दल का गठन हुआ था, उस समय भी उन्होंने सत्यपाल मलिक के साथ अपनी राजनीति आगे बढ़ाई थी।
केसी त्यागी ने कहा कि सत्यपाल मलिक प्रखर तरीके से किसानों की आवाज बुलंद किया करते थे। सत्ता में रहने के बाद भी वे किसानों की आवाज उठाने से कभी पीछे नहीं हटे। उनकी शख्सियत का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यही रहा कि उन्होंने कभी भी अपने सिद्धांतों से कोई समझौता नहीं किया। उनके मुंह पर वही बात आती थी जो वह करना चाहते थे और कहना चाहते थे।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में वे जाट नेताओं के एक प्रमुख नेता के तौर पर देखे जाते थे। जाट समुदाय में उन्हें बहुत इज्जत दी जाती थी। आज भी लोग उनका उसी तरीके से सम्मान करते हैं, जब वे अपने राजनीति के शिखर पर थे। केसी त्यागी ने कहा कि सत्यपाल मलिक के निधन से पश्चिमी यूपी की एक बड़ी आवाज शांत हो गई है। इस आवाज की भरपाई करना आसान नहीं होगा।
भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय महामंत्री रहे किसान नेता नरेश सिरोही ने कहा कि उन्होंने सत्यपाल मलिक के साथ लंबे अरसे तक काम किया। सत्यपाल मलिक भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और किसान मोर्चा के प्रभारी सत्यपाल मलिक ने किसानों के लिए कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर काम किया। उन्होंने कहा कि सत्यपाल मलिक के साथ एक पारिवारिक माहौल में काम किया गया।
किसान नेता सरदार वीएम सिंह ने कहा कि सत्यपाल मलिक ने हमेशा किसानों को मजबूत करने के लिए काम किया। सरदार वीएम सिंह ने कहा कि यदि किसानों को आर्थिक तौर पर मजबूत करना है, यदि उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है तो उन्हें सत्यपाल मलिक के आदर्शों को जमीन पर उतारने का काम करना होगा। सरदार वीएम सिंह ने किसान नेता की मौत पर श्रद्धांजलि व्यक्त की।
किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने अमर उजाला से कहा कि जिस समय किसानों को किसी मजबूत समर्थन की सबसे अधिक जरूरत थी, सत्यपाल मलिक उस समय सामने आए थे और किसानों की आवाज बुलंद करने का काम किया था। महत्वपूर्ण मुद्दों पर उन्होंने न केवल अपनी बेबाक राय रखी, बल्कि किसानों को भी एक मार्गदर्शन देने का काम किया था। उन्होंने कहा कि पूरा किसान समुदाय अपने इस बेटे के निधन पर शोक व्यक्त कर रहा है। किसान नेता ने कहा कि सत्यपाल मलिक का निधन पूरे देश के किसान समुदाय के लिए बड़ी क्षति है।