'ऑपरेशन सिंदूर' से जुड़ा एक और वीडियो माइक्रोब्लॉगिंग साइट 'X' पर शेयर किया गया है। वीडियो भारतीय सेना के पश्चिमी कमान ने साझा किया है। वीडियो में सेना के जवान पाकिस्तानी सेना के नापाक हरकतों को मुंहतोड़ जवाब देते नजर आ रहे हैं। वीडियो में जवान सीजफायर का उल्लंघन करने वाली चौकियों को ध्वस्त करते नजर आ रहे हैं। सेना ने वीडियो को शेयर करते हुए लिखा है- 'योजना बनाई, अभ्यास किया और कार्रवाई की, न्याय हुआ।'
#WATCH | Western Command - Indian Army posts a video of Operation Sindoor on its social media handle 'X'.
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"Planned, trained & executed. Justice served"- Indian Army pic.twitter.com/Z3SwvGS1j3
वीडियो में और क्या?
वीडियो के जरिए सेना ने कहा, 'इसकी शुरुआत पहलगाम आतंकी हमले से हुई। यह गुस्सा नहीं लावा था। दिमाग में बस एक ही बात अबकी बार सबक ऐसा सिखाएंगे कि उनकी पीढ़ियां याद रखेंगी। ये बदले की भावना नहीं, ये न्याय था। 9 मई रात को तकरीबन 9 बजे जिस भी दुश्मन की पोस्ट ने संघर्ष विराम का उल्लंघन किया, उन सभी पोस्टों को भारतीय सेना ने मिट्टी में मिला दिया। दुश्मन अपनी पोस्ट छोड़ भागता नजर आया। 'ऑपरेशन सिंदूर' सिर्फ एक कार्रवाई नहीं थी, यह पाकिस्तान के लिए वो सबक था, जो उसने दशकों से नहीं सीखा।विज्ञापन
ऑपरेशन सिंदूर के बाद दोनों देश में भड़के संघर्ष में 10 मई को सैन्य ऑपरेशन महानिदेशक (डीजीएमओ) स्तर की वार्ता के बाद सीजफायर घोषित किया गया था। इसके बाद 12 मई को दोनों के बीच सीजफायर की अन्य शर्तों पर बात हुई थी। इसमें सीमा पर एक भी गोली न चलाना और अग्रिम चौकियों से सैनिकों की संख्या घटाना शामिल था।
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ऑपरेशन सिंदूर के बारे में जानिए
भारत ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर के तहत आतंकियों के ठिकानों पर सटीक हमले किए। यह कार्रवाई 22 अप्रैल को पाहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के जवाब में की गई थी। इसके बाद पाकिस्तान ने 8, 9 और 10 मई को भारतीय सैन्य ठिकानों पर हमले की कोशिश की, जिनका भारतीय सेना ने करारा जवाब दिया। इस जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान के कई सैन्य ठिकानों को नुकसान पहुंचा, जिनमें एयर बेस, रडार साइट्स, और कमांड सेंटर शामिल हैं। इससे घबराए पाकिस्तान ने 10 मई को भारत के सामने सीजफायर का प्रस्ताव रखा, जिसे दोनों देशों ने आपसी चर्चा के बाद लागू कर लिया।
डीजीएमओ वार्ता नहीं, संघर्ष विराम की कोई तारीख तय नहीं थी
वहीं, सेना ने पाकिस्तान की ओर से किए गए इस दावे को खारिज कर दिया है कि दोनों देशों के बीच हुए संघर्ष विराम की कोई अंतिम तिथि तय थी। सेना ने रविवार को जारी एक संक्षिप्त बयान में साफ कर दिया कि डीजीएमओ स्तर की कोई वार्ता नहीं होनी है और 12 मई को तय सीजफायर शर्तों की कोई अंतिम तिथि नहीं है। दरअसल पाकिस्तान के मंत्रियों ने संसद में बयान दिया था कि संघर्ष विराम पहले 12 मई और फिर 18 मई तक के लिए लागू है। यह दावा भी किया था कि 18 मई को दोनों देशों के डीजीएमओ स्तर पर फिर से बात होगी।