पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना से तृणमूल कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच भिड़ंत की खबरें आ रही हैं। मौके पर भारी सुरक्षा बल तैनात कर दिया गया है। झड़प उस दिन हुई है, जब भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी जिले के डायमंड हार्बर में एक रैली कर रहे थे। रिपोर्ट्स की मानें तो तृणमूल कांग्रेस के ऑफिस में भी तोड़फोड़ की गई है। इस दौरान मोटरसाइकिलों को आग के हवाले कर दिया गया। इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस बल और रैपिड एक्शन फोर्स तैनात कर दी गई है।
पुलिस के मुताबिक, पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में शनिवार दोपहर भाजपा और टीएमसी समर्थकों के बीच झड़प में पथराव किया गया। कई दोपहिया वाहनों में आग लगा दी गई। यह घटना तब हुई जब एक बस को कोलकाता से लगभग 40 किलोमीटर दूर हाटुगंज इलाके में टीएमसी कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर रोक दिया। बस में भाजपा समर्थक बैठे थे। जैसे ही भाजपा समर्थक बस से उतरे और उसे रोकने वालों से भिड़ गए, दो पक्षों ने दूसरे पर पथराव कर दिया।
भाजपा विधायक अग्निमित्र पॉल बस के पीछे एक वाहन में थे। भाजपा समर्थकों के साथ मिलकर उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग डायमंड हार्बर रोड को अवरुद्ध कर दिया। इस वजह से भारी जाम की स्थिति भी बनी। यह दावा किया गया कि उनकी पार्टी के समर्थक आगजनी के पीछे नहीं थे। पॉल ने कहा कि टीएमसी कार्यकर्ताओं ने हमारे लोगों पर हमला किया। पुलिस ने कहा कि हिंसा में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
इससे पहले सुवेंदु अधिकारी ने पंचायत चुनाव से पहले ताकत दिखाने के लिए टीएमसी के अभिषेक बनर्जी के लोकसभा क्षेत्र डायमंड हार्बर में एक मेगा रैली को संबोधित किया। उन्होंने ट्वीट किया कि आपके प्रशासन ने पहले रैली की अनुमति नहीं दी। माननीय उच्च न्यायालय ने अनुमति दी। आपने सड़कों को अवरुद्ध कर दिया, समर्थकों को कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने से रोक दिया, व्यवस्थाओं को बाधित कर दिया और हर कदम पर अड़ंगा लगा दिया। आपका हमला भाजपा कार्यकर्ताओं के दृढ़ संकल्प पर सेंध नहीं लगा सका।
सुवेंदु अधिकारी ने कही यह बात
पश्चिम बंगाल एलओपी सुवेंदु अधिकारी ने टीएमसी और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच झड़प पर कहा कि 100 से अधिक कारों को तोड़ दिया गया। 150 महिला श्रमिकों पर हमला किया गया। 50 से अधिक महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं, जिनमें से 6 को अस्पताल में भर्ती कराया गया। एक अभी भी लापता है। हमारे विधायक उमिका राय सहित लगभग 20,000 कार्यकर्ताओं को रोका गया। उन्होंने कहा कि यह कुछ ऐसा है, जो किसी भी लोकतांत्रिक देश में स्वीकार्य नहीं है। कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है, क्योंकि झूठे मामले पश्चिम बंगाल की संस्कृति है, लेकिन हमारे जिला अध्यक्ष जाकर चीजों को हल करने की कोशिश करेंगे।