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उधेड़बुन: महिलाओं के कपड़ों पर टीएमसी विधायक की टिप्पणी, बंगाल में भड़की भाजपा, उत्तराखंड में चुप

Sat, 20 Mar 2021 09:10 AM IST
कुमार संभव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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टीएमसी विधायक चिरंजीत चक्रवर्ती ने महिलाओं के कपड़ों पर की अभद्र टिप्पणी। - फोटो : सोशल मीडिया
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महिलाओं के कपड़ों को लेकर देशभर में सियासत गरमाई हुई है। यह मसला अब बंगाल में भी तूल पकड़ रहा है, लेकिन यहां सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस के विधायक ने महिलाओं के कपड़ों पर टिप्पणी की। इसके बाद उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत की टिप्पणी पर चुप्पी साधने वाली भाजपा भड़क गई। उसका कहना है कि टीएमसी विधायक का बयान अवांछनीय है। महिलाओं को अपने हिसाब से कपड़े पहनने का अधिकार है। 

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टीएमसी विधायक ने कही यह बात

जानकारी के मुताबिक, अभिनेता से नेता बने तृणमूल के विधायक चिरंजीत चक्रवर्ती ने शुक्रवार (19 मार्च) को विवादास्पद बयान किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को कपड़े पहनते समय अपने आसपास के माहौल का ध्यान रखना चाहिए। हालांकि, चक्रवर्ती ने दावा किया कि उन्होंने किसी पर अपनी बात थोपने के लिए नहीं, बल्कि सुझाव के तौर पर कही है। बता दें कि चिरंजीत चक्रवर्ती पश्चिम बंगाल के नॉर्थ 24 परगना जिले के बारासात निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे हैं। उन्होंने पार्टी की एक बैठक से अलग संवाददाताओं से बातचीत के दौरान यह बात कही। 

टीएमसी विधायक के बयान पर भड़की भाजपा

बता दें कि यह मामला सामने आने के बाद बंगाल भाजपा के नेताओं ने आक्रोश जाहिर किया। उन्होंने कहा कि चक्रवर्ती का बयान अवांछनीय है। महिलाओं को अपने हिसाब से कपड़े पहनने का अधिकार है। बता दें कि बंगाल में महिलाओं के कपड़ों पर हुई टिप्पणी पर भाजपा नाराजगी जाहिर कर रही है, लेकिन उत्तराखंड में मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत द्वारा दिए गए इसी तरह के बयान पर पार्टी ने चुप्पी साध ली थी। 

क्या कहा था उत्तराखंड के सीएम ने?

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा बच्चों में बढ़ती नशे की प्रवृति विषय पर आयोजित कार्यशाला में विवादित टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा कि जब वह युवाओं को फटी जींस पहनकर घूमते देखते हैं तो उन्हें आश्चर्य होता है। उन्होंने एक संस्मरण का जिक्र करते हुए कहा कि वह जयपुर से दिल्ली की फ्लाइट पर बैठे थे। उनके बगल में एक महिला बैठी थी। महिला एक एनजीओ चलाती थीं, जबकि उसके पति एक कॉलेज में प्रोफेसर थे। उस महिला ने पांव में गमबूट और घुटनों से फटी जींस पहनी हुई थी। महिला के साथ उसके दो बच्चे भी थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि एनजीओ चलाती हैं, पति जेएनयू में प्रोफेसर हैं, घुटने फटे दिख रहे हैं, समाज के बीच में जाती हैं, बच्चे साथ में है। क्या संस्कार दे रही हैं? 
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विरोध बढ़ा तो मांगी माफी

मुख्यमंत्री रावत के इस बयान के बाद पूरे देश में विरोध प्रदर्शन हुए। हालांकि, बाद में उन्होंने इस मामले में माफी मांग ली। उन्होंने कहा कि वह बच्चों का कार्यक्रम था। मैंने एक पिता और एक अभिभावक होने के नाते उन्हें संस्कारों के बारे में जानकारी दी। मेरा जींस से कोई विरोध नहीं। मैंने फटी जींस का विरोध किया। फिर भी किसी को मेरे कथन से ठेस पहुंची हो तो इसके लिए क्षमा चाहता हूं।
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