पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्षी नेता शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि पुरुलिया से लौटते समय टीएमसी कार्यकर्ताओं ने उनपर बेरहमी से हमला किया। इसके बाद अधिकारी चंद्रकोना पुलिस स्टेशन में धरने पर बैठ गए और हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग की। अधिकारी ने इसे गुंडागर्दी और लोकतंत्र पर हमला बताया।
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले चुनावी गहमागहमी तेज हो गई है। आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति भी अब सातवें आसामान पर पहुंच गई है। इसी बीच पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्षी नेता और भाजपा सांसद ने सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पार्टी (टीएमसी) पर उनके साथ बेरहमी के साथ मारपीट करने का आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा पुरुलिया से लौटते समय टीएमसी के गुंडो ने उनपर बेरहमी से हमला किया। इस हमले के बाद अधिकारी चंद्रकोना पुलिस स्टेशन में धरना पर बैठ गए।
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#WATCH | West Bengal Assembly LoP Suvendu Adhikari sits on a dharna inside the Chandrakona Police Station, following an attack by TMC workers during his return from Purulia.
धरने पर बैठ शुभेंदु अधिकारी
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किए पोस्ट में अधिकारी ने बताया कि ये हमला उनपर उस समय हुआ जब वे बुधवार शाम पुरुलिया से लौट रहे थे, तभी पश्चिम मिदनापुर जिले के चंद्रकोना रोड पर उनपर कथित रूप से टीएमसी कार्यकर्ताओं ने बेरहमी से हमला किया। इस हमले के बाद अधिकारी चंद्रकोना पुलिस स्टेशन में धरना पर बैठ गए।
गुंडागर्दी पर उतर गई टीएमसी- अधिकारी
अधिकारी ने आगे कहा कि टीएमसी जनता के गुस्से और अपनी असहाय स्थिति के कारण इस तरह की गुंडागर्दी कर रही है। अधिकारी ने धरने के दौरान तत्काल कार्रवाई और हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग की। साथ ही कहा कि वह पुलिस की कार्रवाई और जवाबदेही सुनिश्चित होने तक धरने से नहीं उठेंगे। उन्होंने जनता से भी अपील की कि वे कानून-व्यवस्था की रक्षा और लोकतंत्र की मजबूती के लिए आवाज उठाएं।
हमले के समय खामोश खड़ी रही पुलिस- अधिकारी
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि हमला टीएमसी और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के शासन में हिंसा और मनमानी मिलने का परिणाम है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस, जो कानून की रखवाली करने वाली थी, हमले के समय वहां खामोशी से खड़ी रही। अधिकारी ने इसे केवल अपने खिलाफ नहीं बल्कि पश्चिम बंगाल में सभी विपक्षी आवाजों पर हमला बताया।