पश्चिम बंगाल में वंदे भारत एक्सप्रेस पर एक बार फिर से पथराव किए जाने की खबरें आ रही हैं। जानकारी के मुताबिक, घटना में किसी भी यात्री के घायल होने की खबर नहीं है। मीडिया रिपोर्ट की मानें तो पथराव की वजह से ट्रेन को बोलपुर स्टेशन पर रोक दिया गया है। मामले की जांच के आदेश भी दे दिए गए हैं।
इससे पहले भी पश्चिम बंगाल में वंदे भारत एक्सप्रेस पर पथराव किया गया था। तीन जनवरी को पथराव के कारण वंदे भारत एक्सप्रेस के कोच सी3 और सी6 के शीशे क्षतिग्रस्त हो गए थे। दार्जिलिंग जिले के फांसीदेवा क्षेत्र के पास ट्रेन के न्यू जलपाईगुड़ी की ओर बढ़ने के दौरान खिड़कियां क्षतिग्रस्त पाई गईं थीं। इससे पहले उद्घाटन के दूसरे ही दिन वंदे भारत एक्सप्रेस पर पथराव की घटना सामने आई थी। यह घटना हावड़ा और न्यू जलपाईगुड़ी के बीच चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस पर मालदा के कुमारगंज स्टेशन के पास हुई थी। पत्थरबाजी में वंदे भारत एक्सप्रेस के कोच नंबर-13 की खिड़की के शीशे में दरार आ गई थी।
30 दिसंबर को पीएम ने किया था उद्घाटन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 30 दिसंबर, 2022 को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की मौजूदगी में हावड़ा और न्यू जलपाईगुड़ी को जोड़ने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई थी। पीएम मोदी ने भारत एक्सप्रेस ट्रेन के उद्घाटन के मौके पर कहा था कि देश की आजादी के 'अमृत महोत्सव' में देश ने 475 'वंदे भारत ट्रेन' शुरू करने का संकल्प लिया था। आज इसी में से एक हावड़ा को न्यू जलपाईगुड़ी से जोड़ने वाली 'वंदे भारत' शुरू हुई है।
पहले भी हो चुकी हैं वंदे भारत एक्सप्रेस पर पथराव की घटनाएं
इससे पहले भी सेमी-हाई स्पीड ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस पर पथराव की घटनाएं हुई हैं। 15 दिसंबर 2022 को छत्तीसगढ़ में नागपुर-बिलासपुर वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन पर पत्थर फेंके गए थे, इसके चलते ट्रेन की खिड़की का शीशा क्षतिग्रस्त हो गया था। हालांकि यात्रियों को कोई नुकसान नहीं हुआ था। यह घटना दुर्ग और भिलाई स्टेशनों के बीच हुई थी। इस घटना के मात्र चार दिन पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरी झंडी दिखाकर नागपुर-बिलासपुर वंदे भारत ट्रेन का शुभारंभ किया था।
इससे पहले भी सेमी-हाई स्पीड ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस पर पथराव की घटनाएं हुई हैं। 15 दिसंबर 2022 को छत्तीसगढ़ में नागपुर-बिलासपुर वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन पर पत्थर फेंके गए थे, इसके चलते ट्रेन की खिड़की का शीशा क्षतिग्रस्त हो गया था।