पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दीघा में श्री जगन्नाथ मंदिर के 'प्राण प्रतिष्ठा' समारोह में भाग लिया। समारोह के बाद एक्स पर एक पोस्ट में सीएम ममता ने मंदिर में विराजमान भगवान जगन्नाथ की पहली झलक दिखाई।
पश्चिम बंगाल में श्री जगन्नाथ मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा की गई है। पूर्बा मेदिनीपुर के दीघा में जगन्नाथ मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा में सीएम ममता बनर्जी भी शामिल हुईं। सीएम ममता ने समारोह के बाद अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर तस्वीरों के साथ संदेश साझा किया।
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पवित्र मूर्ति से निकलने वाली दिव्य चमक का असर
एक्स पर अपने संदेश में ममता ने लिखा, कहा, 'यह हमेशा याद रखने वाला क्षण है। दीघा में जगन्नाथ मंदिर के गर्भगृह में विराजमान भगवान जगन्नाथ की पहली झलक मेरे दिल में अंकित रहेगी। मैंने महसूस किया कि पवित्र मूर्ति से निकलने वाली दिव्य चमक से मेरी आत्मा में ताजगी भर गई। मुझे आरती करने के साथ मां, माटी, मानुष पर ब्रह्मांड के भगवान का आशीर्वाद लेने का सौभाग्य मिला।
भाजपा नेता ने कहा था- मंदिर मस्जिद बनाना सरकार का काम नहीं
दीघा के इस धार्मिक कार्य से पहले प्रदेश में सियासी टिप्पणियों की छौंक भी लगती दिखी। विगत 27 अप्रैल को केंद्रीय मंत्री और पश्चिम बंगाल भाजपा के अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने कहा था कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भगवान जगन्नाथ के "कंधों पर चढ़कर" आगामी राज्य विधानसभा चुनाव जीतने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, पुलिस 4 घंटे तक मुर्शिदाबाद नहीं पहुंची और इसी वजह से चंदन और हरगोबिंद दास की हत्या कर दी गई। एक तरफ आप हिंदुओं को मार रहे हैं और दूसरी तरफ आप मंदिर बना रहे हैं। मंदिर या मस्जिद बनाना सरकार का काम नहीं है। अयोध्या राम मंदिर के लिए लोगों ने धन जुटाया था। दीघा में जगन्नाथ मंदिर के लिए लोगों को धन जुटाना चाहिए। राज्य सरकार इसमें क्यों शामिल हो रही है?
कैसे पहुंचें दीघा के जगन्नाथ धाम ?
खड़गपुर स्टेशन से दीघा स्टेशन (दूरी 109 कि. मी.): यहां कैब या ट्रेन से पहुंचा जा सकता है।
हावड़ा स्टेशन से दीघा स्टेशन (दूरी 180 कि. मी.): कैब या ट्रेन से पहुंचने के विकल्प।
एस्प्लानेड से दीघा (दूरी 180 कि. मी.) बस से पहुंचने का विकल्प।
दमदम एयरपोर्ट से दीघा (190 कि.मी.): कैब से यात्रा कर मंदिर तक पहुंच सकते हैं श्रद्धालु।
हिंसा की घटनाओं के कारण चर्चा में रहा बंगाल
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बता दें कि संसद से पारित वक्फ (संशोधन) अधिनियम के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान विगत 11 अप्रैल को मुस्लिम बहुल जिले मुर्शिदाबाद में हिंसा भड़क उठी। विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई, कई लोग घायल भी हुए थे। बड़े पैमाने पर संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा था। सुरक्षा की तलाश में हजारों लोगों को पलायन के लिए मजबूर होना पड़ा था। बाद में यह विरोध प्रदर्शन मालदा, दक्षिण 24 परगना और हुगली समेत कई अन्य जिलों में भी फैला। आगजनी, पथराव और सड़क जाम की घटनाओं के कारण प्रदेश चर्चा में रहा।