West Bengal: कोलकाता के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के बाहर टीएमसी और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच मतदाता सूची में कथित हेरफेरी को लेकर झड़प हुई। टीएमसी ने आरोप लगाया कि फॉर्म 6 का उपयोग बाहरी राज्यों के मतदाताओं को बंगाल की सूची में जोड़ने के लिए किया जा रहा था। क्या है मामला, पढ़िए रिपोर्ट-
पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले कोलकाता में मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय के बाहर मंगलवार को तनावपूर्ण स्थिति बन गई। यहां तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) समर्थित बूथ-स्तर के अधिकारियों (बीएलओ) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं के बीच मतदाता सूची में कथित हेरफेरी को लेकर झड़प हुई।
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पुलिस को स्थिति को काबू में लाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। दोपहर में विपक्षी नेता शुभेंदु अधिकारी ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय का दौरा किया। उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई और उन पर अशांति भड़काने का आरोप लगाया। उनके जाने के थोड़ी देर बाद फॉर्म 6 के कथित दुरुपयोग को लेकर विरोध प्रदर्शन भड़क गया।
फॉर्म 6 का इस्तेमाल कथित तौर पर बिहार और उत्तर प्रदेश जैसे एनडीए शासित राज्यों के मतदाताओं को पश्चिम बंगाल की मतदाता सूची में जोड़ने के लिए किया जा रहा था। भीड़ को काबू में करने के लिए पुलिस ने दखल दिया, जिससे पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई।
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इस बीच, टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखा। पत्र में उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि फॉर्म 6 के जरिये बाहरी राज्यों के मतदाताओं को बड़े पैमाने पर बंगाल की मतदाता सूची में शामिल करने की कोशिश कर रही है।
सोमवार को टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने दावा किया था कि भाजपा ने एक ही दिन में करीब 30 हजार फॉर्म 6 जमा किए थे, जिससे अन्य राज्यों के निवासियों को पश्चिम बंगाल में मतदाता के रूप में दर्ज किया जा सके। मंगलवार को प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि विरोध के दौरान भाजपा समर्थकों ने उन पर हमला किया।
पुलिस ने कहा कि कुछ समय के लिए स्थिति तनावपूर्ण बनी रही। इसके बाद मुख्य निर्वाचन अधिकारी के नए कार्यालय के बाहर अतिरिक्त बल तैनात किए गए, ताकि इसे काबू किया जा सके। पुलिस ने कहा कि अधिकारी आगे हिंसा रोकने के लिए स्थिति पर नजर रख रही है।