इस बीच, पुलिस ने कोलकाता के सीजीओ कॉम्पलेक्स में सीबीआई दफ्तर पर कब्जा जमा लिया। बिधाननगर पुलिस ने पूरे परिसर को कब्जे में ले लिया। हालांकि, बाद में सीबीआई कार्यालय से पुलिस हटा ली गई। इसके बाद कार्यालय की सुरक्षा में सीआरपीएफ तैनात कर दी गई। सीबीआई सूत्रों का कहना है कि कमिश्नर के घर मौजूद जरूरी फाइलों को नष्ट किया जा सकता है। वहीं पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार भी ममता के साथ धरने पर बैठ गए। इससे पहले पुलिस आयुक्त के घर पर डेढ़ घंटे रुकीं ममता बनर्जी ने पुलिस आयुक्त के घर पर ही तमाम आला अधिकारियों के साथ आपात बैठक की। गौरतलब है कि ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में सीबीआई के प्रवेश पर रोक लगा रखी है।
सीबीआई की यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब कोलकाता पुलिस ने प्रेस कांफ्रेंस कर इस रिपोर्ट को खारिज कर दिया था कि पुलिस कमिश्नर शारदा चिटफंड घोटाले में सीबीआई जांच के दायरे में हैं। ऐसी खबरें चलाने पर कोलकाता पुलिस ने मीडिया के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की धमकी दी थी।
सीबीआई-पुलिस की जंग
- गिरफ्तारी के लिए कमिश्नर के घर पहुंची सीबीआई टीम से हाथापाई
- पुलिस ने सीबीआई के 15 अफसरों को हिरासत में लिया
- सीबीआई दफ्तर पर पुलिस ने कब्जा जमाया
- ममता बनर्जी, डीजीपी और मेयर कमिश्नर के घर पहुंचे
- ममता, राजीव कुमार धरने पर बैठ गए
- सीर्बीआ कार्यालय से पुलिस हटी, सीआरपीएफ तैनात
- लाउडन स्ट्रीट और मध्य कोलकाता में पुलिस व सीबीआई का हाईवोल्टेज ड्रामा
कोलकाता पुलिस प्रमुख राजीव कुमार ने 2013 में रोज वैली घोटाले और शारदा चिटफंड घोटाले की जांच करने वाली पश्चिम बंगाल पुलिस की एसआईटी टीम का नेतृत्व किया था। सीबीआई ने मामलों में राजीव कुमार और एसआईटी सदस्य रेलवे के इंस्पेक्टर जनरल तमल बासु, कोलकाता पुलिस के एडिशनल कमिश्नर विनीत कुमार गोयल और रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी पल्लब कांति घोष से पूछताछ के लिए बंगाल के डीजीपी को चिट्ठी भेजी थी। सीबीआई का कहना है कि एसआईटी जांच के दौरान कुछ लोगों को बचाने के लिए अहम सुबूतों के साथ छेड़छाड़ हुई या उन्हें गायब कर दिया गया। इसी सिलसिले में सीबीआई पश्चिम बंगाल कैडर के 1989 बैच के आईपीएस अधिकारी राजीव कुमार से पूछताछ करना चाहती थी।